नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से 2022 तक अंतरिक्ष में भारतीय यात्रियों को भेजने की घोषणा की थी. पीएम मोदी की इस महत्वकांक्षी योजना पर अब काम शुरू हो गया है. इस मिशन का नाम गगनयान रखा गया है. इस मिशन के लिए 12 अंतरिक्ष यात्रियों का चुनाव किया गया है. इन सभी 12 यात्रियों को 15 महीने के प्रशिक्षण के लिए रूस भेजा जाएगा. इन्हीं 12 अंतरिक्ष यात्रियों में अंतिम रूप से 4 का चयन किया जाएगा, जो अंतरिक्ष में जाएंगे. रिपोर्ट के मुताबिक करीब 10 हजार करोड़ रुपये के इस मिशन में 5 से 7 दिनों के लिए तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. ये अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में कई माइक्रो ग्रेविटी टेस्ट करेंगे.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दिनों रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस (Roscosmos) के महानिदेशक दमित्री रोगोजिन (Dmitry Rogozin) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल के बीच हुई बातचीत में चार भारतीयों के चयन और उन्हें मॉस्को के यूरी गार्गिन कॉसमोनट ट्रेनिंग सेंटर (Yuri Gagarin Cosmonaut Training Center) में प्रशिक्षित करने के बारे में फैसला किया गया. इनका प्रशिक्षित नवंबर में शुरू हो जाएगा. ट्रेनिंग के बाद ये अंतरिक्ष यात्री भारत आ जाएंगे और 2022 में अंतरिक्ष में जाने तक भारत में ही रहेंगे. इसके अलावे भारत और रूस ने इस मिशन के लिए जरूरी अन्य उपकरणों के बारे में भी बात की है. क्रू सीट, विंडोज और स्पेशसूट की आपूर्ति के लिए भी दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मिशन के लिए रूस, भारत को तीन तरह से सहयोग कर रहा है. सबसे पहले वह अंतरिक्ष यात्रियों का चयन और उन्हें प्रशिक्षित करेगा. दरअसल, भारत पहली बार अंतरिक्ष में यात्री भेजने की योजना पर काम कर रहा है जबकि रूस काफी पहले से ऐसा करते आ रहा है. रूस में भारत के राजदूत डीबी वेंकटेश वर्मा ने कहा कि रूस हमें इस मिशन की बनावट और मोड्यूल में भी सहयोग कर रहा है. वास्तविक मिशन से पहले कई प्रारूपों को आजमाया जाना है. इसके साथ ही इस मिशन के लिए उचित मॉड्यूल का चुनाव का भी काफी जरूरी है.

इस साली 27 जून को रॉसकॉसमॉस की सहायक कंपनी ग्लावकोमॉस (Glavkosmos) और इसरो के बीच अंतरिक्ष यात्रियों के चयन और उन्हें प्रशिक्षित करने को लेकर एक समझौता हुआ था. इसके अलावा पीएम मोदी की होने वाली रूस यात्रा के दौरान गगनयान को लेकर उसके साथ कई और समझौता होने की उम्मीद है. पीएम मोदी 4 से 6 सितंबर तक ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम (Eastern Economic Forum) की बैठक के लिए रूस में होंगे.