नई दिल्ली. केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के 4 साल पूरा होने पर ‘साफ नीयत, सही विकास’ का अभियान चल रहा है. इसके जरिए केंद्र सरकार 4 साल में किए गए अपने कार्यों का विवरण जनता तक पहुंचा रही है. अखबारों, टीवी चैनलों, रेडियो, थियेटर के अलावा होर्डिंग और बैनरों के जरिए भी इस अभियान का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. इसी अभियान के तहत केंद्र सरकार के मंत्री भी देश के विभिन्न स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम जनता को सरकार की उपलब्धियां बता रहे हैं. लेकिन जनता तक सरकार का यह संदेश पहुंच रहा है या नहीं, इसका अंदाजा कैसे लगे? इसके लिए सरकार अब एक रिसर्च एजेंसी को इस अभियान का असर पता लगाने का जिम्मा देने जा रही है. यह एजेंसी आम जनता के बीच ‘साफ नीयत, सही विकास’ का कितना असर हो रहा है, इसका पता लगाकर सरकार को बताएगी.

सर्वेक्षण से मिलेगी जानकारी
अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार ‘साफ नीयत, सही विकास’ का जमीनी असर पता करने के लिए हालांकि अभी तक किसी एजेंसी का चुनाव नहीं किया गया है, लेकिन इस बाबत सरकार ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है. सरकार द्वारा चुनी गई एजेंसी इस अभियान का असर पता लगाने के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण करेगी. इससे सरकार का संदेश किस हद तक जनता में पहुंच रहा है, इसका पता चलेगा. एजेंसी को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह ग्रामीण इलाकों में भी सर्वेक्षण करे, ताकि देश के ज्यादा से ज्यादा इलाकों में इस अभियान के असर का पता चल सके. मई में शुरू हुआ यह अभियान जून के आखिरी सप्ताह तक चलेगा. सर्वे एजेंसी इसके तुरंत बाद ही अपना काम शुरू कर देगी.

Saaf-Niyat-Sahi-Vikas

 

एक महीने तक चलेगा सर्वे
‘साफ नीयत, सही विकास’ अभियान का असर जानने के लिए सर्वे एजेंसी पूरे एक महीने तक देश के विभिन्न इलाकों से आंकड़े इकट्ठा करेगी. इसके तहत सरकारी योजनाओं के लाभान्वितों से बातचीत, लाभुकों के जीवन में बदलाव और सरकार के प्रति लोगों के अनुभव का पता चल सकेगा. अभियान से जुड़े सरकार के एक अधिकारी ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि लगभग एक महीने तक किए जाने वाले इस सर्वेक्षण की रिपोर्ट जुलाई के अंत तक देने को कहा गया है. इस सर्वे से प्राप्त होने वाले फीडबैक और इनपुट सरकार के आगामी एक साल के शासनकाल के लिए महत्वपूर्ण होंगे. अधिकारी ने बताया कि शहरों में तो सरकारी योजनाओं का असर दिखता है, लेकिन सुदूर इलाकों और गांवों में सरकारी योजनाओं का प्रभाव कैसा है, यह पता करने के लिए एजेंसी को काम दिया गया है.

इन सरकारी योजनाओं की होगी परख
केंद्र सरकार के 4 साल के कार्यकाल में भाजपानीत राजग ने आम लोगों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं. इसके तहत राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान, पीएम आवास योजना, गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देने वाली उज्ज्वला योजना, ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, मुद्रा योजना समेत कई योजनाएं हैं. अपनी सरकार के 4 साल पूरा होने के बाद और अगले साल चुनाव में उतरने से पहले, केंद्र सरकार यह जांच लेना चाहती है कि ये योजनाएं जनता की कसौटी पर कितनी खरी उतरी. शहरों में जहां वेबसाइट और होर्डिंग-बैनर के जरिए सरकार अपनी बात पहुंचा रही है, वहीं सुदूर गांवों में सरकारी योजनाओं का असर कितना है, इसके लिए सर्वे एजेंसी का सहारा ले रही है. ‘साफ नीयत, सही विकास’ अभियान शुरू किए जाने के बाद इसके लिए एक वेबसाइट भी शुरू की गई है, ताकि इंटरनेट के जरिए भी सरकार की बातें जनता तक पहुंच सके.