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अपने बच्चों के हायर एजुकेशन के बजट के लिए अभी से करें प्लानिंग, इन बातों का रखें ख्याल
महंगाई के इस जमाने में माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. यही कारण है कि उनका भविष्य सुरक्षित करने के लिए ज्यादा से ज्यादा माता-पिता निवेश कर रहे हैं.
नई दिल्ली: महंगाई के इस जमाने में माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. यही कारण है कि उनका भविष्य सुरक्षित करने के लिए ज्यादा से ज्यादा माता-पिता निवेश कर रहे हैं. सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान यानी की एसआईपी एक बेहतरीन विकल्प है. एसआईपी को बच्चे के जन्म से साथ ही या एक साल के होने तक कभी भी शुरू किया जा सकता है. बच्चों की पढ़ाई पर होने वाला खर्च आपको परेशान न करे इसलिए बेहतर है कि निवेश किया जाए. अपने बच्चों के हायर एजुकेशन के लिए निवेश करते समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए.
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इंवेस्टमेंट के समय हम समय के साथ बढ़ने वाली मंहगाई को नजरअंदाज कर देते हैं. समय के साथ जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ेगा और एजुकेशन सेक्टर में बदलाव आएगा महंगाई यहां भी बढ़ेगी. विशेषज्ञों के अनुसार इस समय आईआईटी कोर्स करने का खर्च लगभग 9.20 लाख है. अगर महंगाई दर 7 प्रतिशत के आसपास रहती है तो अगले 10 सालों में यह बढ़कर 18.10 लाख हो जाएगा. उसी तरह एनआईटी का इस समय का खर्च 7.48 लाख है जो 10 सालों में बढ़कर 14.71 लाख के आसपास हो जाएगा.
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अन्य हायर एजुकेशन संस्थानों की फीस भी 15.60 लाख से बढ़कर 30.69 लाख हो जाएगी. यही बातें मेडिकल की पढ़ाई के लिए भी लागू होती हैं. सरकारी मेडिकल कॉलेज में इस समय एमबीबीएस की पढ़ाई का खर्च 1.75 लाख है जो अगले एक दशक में बढ़कर 3.44 लाख हो जाएगा. वहीं प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की फीस भी 25 लाख से बढ़कर लगभग 50 लाख के आसपास हो जाएगी. मान लीजिए की आप एजुकेशन लोन लेते हैं तो भी ईएमआई में भारी बढ़ोतरी होगी. एसआईपी लेते समय महंगाई को नजरअंदाज न करें और उसके अनुसार एसआईपी की रकम तय करें.
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अगर आपने एसआईपी में निवेश कर दिया तो मार्केट के टूटने पर एसआईपी बंद न करें. अगर आपने 20 सालों के लिए एसआईपी लिया है तो अच्छा रिटर्न मिलेगा. मार्केट ट्रेंड इस बात की ओर ही इशारा कर रहे हैं कि 20 साल तक एसआईपी में इंवेस्टमेंट के बाद लोगों को अच्छा रिटर्न मिला है.
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अगर आप अगले 10 सालों के लिए 9984 रुपए एसआईपी में लगाते हैं तो आप आसानी से अपने बच्चे को आईआईटी की पढ़ाई करा सकते हैं. हालांकि हर साल महंगाई की दर एक नहीं रहेगी. मान लीजिए की निवेश के दो साल बाद लग रहा है कि आपका इंवेस्टमेंट बढ़ती महंगाई के कारण आपके बच्चे की पढ़ाई के लिए कम पड़ रहा है तो आप एसआईपी की रकम को रिवाइज्ड कर सकते हैं.
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