दुनिया में आज यानी 17 जून को फादर्स डे (Fathers day) मनाया जा रहा है. इस फादर्स डे हर कोई अपने पापा को अपने-अपने अंदाज में विश कर रहा है. सोशल मीडिया पर फादर्स डे को लेकर तरह-तरह के सेलिब्रेशन के तरीके बताए जा रहे हैं. इस खास दिन को हर कोई अपने तरीके से सेलिब्रेट कर रहा है. हर बच्चे के जिंदगी में उसके माता-पिता एक अहम स्थान रखते हैं, लेकिन वे पापा ही हैं जो बच्चे को दुनिया की हकीकत से रूबरू कराते हैं और उसे जीना सिखाते हैं.

पिता के प्यार को हम सिर्फ कुछ शब्दों में बयां नहीं कर सकते. उन्हें धन्यवाद कहने के लिए शायद एक जीवन भी कम पड़ जाए. इस फादर्स डे पर लोग अपने फादर को सोशल मीडिया, ग्रीटिंग कार्ड पर कविताएं लिखकर उन्हें विश कर रहे हैं. इस खास मौके पर एक खास कविता पेश कर रहे हैं-

पापा मेरी नन्ही दुनिया, तुमसे मिल कर पली-बढ़ी
आज तेरी ये नन्ही बढ़कर, तुझसे इतनी दूर खड़ी
तुमने ही तो सिखलाया था, ये संसार तो छोटा है
तेरे पंखों में दम है तो, नील गगन भी छोटा है

कोई न हो जब साथ में तेरे, तू बिलकुल एकाकी है
मत घबराना बिटिया, तेरे साथ में पप्पा बाकी हैं

पीछे हटना, डरना-झुकना, तेरे लिए है नहीं बना
आगे बढ़ कर सूरज छूना, तेरी आंख का है सपना

तुझको तो सूरज से आगे, एक रस्ते पर जाना है
मोल है क्या तेरे वजूद का दुनिया को बतलाना है
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उस वक्त में पिता को समझ पाया था
मेरे बुखार में जब आपने भरी आँखों से मेरा सिर सहलाया था
तब मैंने एक सख्त इन्सान में माँ का ह्रदय पाया था
आज तक मैं आपको समझ नहीं पाया था

उस वक्त आपको देखकर मेरा भी गला भर आया था
उस दिन मैं एक पिता को समझ पाया था
मेरी बचपन की हर जिद को पूरी करने को आपने अपना हर सुख चैन भुलाया था
मेरे सुखद भविष्य के निर्माण को आपने लहू बना के पसीना बहाया था

अपने बचपन से आपने पूरा परिवार का बोझ उठाया था
क्योंकि आपने अपने पिता का प्यार नहीं पाया था
मुश्किलों से न घबराना डट कर पार पाना आपने ही तो सिखलाया था
उस वक्त में पिता को समझ पाया था.