Jammu & Kashmir Live Updates: केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में जम्मू और कश्मीर से जुड़े कई बड़े एलान किए. सोमवार को राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने सबसे पहले घोषणा की कि जम्मू और कश्मीर में संविधान की धारा 370 के सभी प्रावधान अब लागू नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के आदेश के बाद यह नियम लागू कर दिया जाएगा. यानी पिछले 70 वर्षों से जो व्यवस्था जम्मू-कश्मीर में चली आ रही थी, उसे खत्म करने की सिफारिश मोदी सरकार ने की है. इसके बाद गृह मंत्री ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जम्मू-कश्मीर राज्य के पुनर्गठन की घोषणी की. इसके तहत अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब केंद्रशासित प्रदेश के रूप में जाने जाएंगे. इसके अलावा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 35 ए हटाने की भी घोषणा कर दी है. आपको बता दें कि देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के हस्ताक्षर से इस अनुच्छेद को लागू किया गया था.
गृह मंत्री ने अपनी घोषणा को स्पष्ट करते हुए संसद को बताया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब केंद्र सरकार के अधीन अलग-अलग केंद्रशासित प्रदेश के रूप में जाने जाएंगे. केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की अपनी विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित राज्य होगा. गृह मंत्री की घोषणा का मतलब यह है कि जम्मू-कश्मीर अब दिल्ली की तरह का राज्य होगा, जिसकी अपनी विधानसभा तो होगी लेकिन वह केंद्र के अधीन ही माना जाएगा. वहीं, पर्वतीय क्षेत्र लद्दाख, जो अब तक कश्मीर का अंग था, वह चंडीगढ़ की तरह बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश कहलाएगा.
HM Amit Shah: Jammu and Kashmir to be a union territory with legislature and Ladakh to be union territory without legislature pic.twitter.com/nsEL5Lr15h
गृह मंत्री अमित शाह की यह घोषणा ऐतिहासिक है. क्योंकि पिछले 70 वर्षों से जम्मू-कश्मीर को संविधान के तहत जो दर्जा मिला हुआ था, वह आज की घोषणा के बाद निष्प्रभावी हो गया है. अब जम्मू-कश्मीर में भी देश के अन्य केंद्रशासित प्रदेशों की तरह ही भारत के नियम-कानून लागू होंगे. केंद्र सरकार की विकास योजनाएं या अन्य कानून वहां पर सभी राज्यों के साथ-साथ लागू किए जाएंगे. आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के अपने संकल्प पत्र में इस बात का जिक्र किया था कि वह जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाएगी. इसके तहत अनुच्छेद 35 ए को भी निष्प्रभावी बनाया जाएगा, जिसके तहत इस राज्य को देश के बाकी राज्यों से अलग अधिकार मिले हुए थे.
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