नई दिल्ली. इस समय इनकम टैक्स फाइल करने को लेकर कई लोग चिंतित हैं. कुछ लोग इसके लिए पेशेवर व्यक्तियों के पास जा रहे हैं तो कुछ लोग खुद ही इसे फाइल करने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ इंटरनेट पर आईटीआर फाइल करने की जानकारी जुटा रहे हैं और स्टेप्स को फॉलो करते हुए फाइल करने की कोशिश कर रहे हैं. आइए हम आपको बताते हैं कि ITR फाइल करते समय किस तरह की सावधानी बरतें… Also Read - केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक अप्रैल से तीन नवंबर के बीच जारी किए 1,29,190 करोड़ से अधिक के रिफंड

1. इस साल मई-जून में इनकट टैक्स विभाग ने आईटीआर को लेकर सात नए फॉर्म जारी किए हैं. ऐसे में सही फॉर्म को नहीं चुनने से आपका रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है. ऐसे में आप किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट की मदद ले सकते हैं. Also Read - 2019-20 के लिए सरकार ने ITR फाइल करने की समय सीमा बढ़ाई, यहां क्लिक करके जानिए नई तारीख

2. फाइनेंशियल इयर में नौकरियां बदलने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसे शख्स को दो कंपनियों से फॉर्म 16 मिला होता है. ऐसे में आपके धारा 80 सी में दो बार कटौतियों में क्लेम करने की संभावना बढ़ सकती है. ऐसे में अपना रिटर्न फाइल करते समय टैक्स देना न भूलें. Also Read - Income Tax Refund 2020: आयकर विभाग ने चालू वित्त वर्ष में अब तक 39 लाख से अधिक करदाताओं को जारी किया 1.26 लाख करोड़ रुपये का रिफंड

3. टैक्स कटौतियां, आपकी टैक्स देनदारी को कम करती हैं. ऐसे में इसे सावधानी से भरना चाहिए.

4. आईटीआर फाइल करते समय काफी लोग फाइनेंशियल इयर असेसमेंट इयर को लेकर परेशान हो जाते हैं. बता दें कि फाइनेंशियल इयर 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है. वहीं, असेमेंट इयर में आपकी आमदनी पर टैक्स लिया जाता है.

5. आईटीआर भरना काफी सावधानी का काम है. कहते हैं सावधानी हटी और दुर्घटना घटी. ऐसे में यहां भी आप अपनी जानकारी को लेकर पूरी जिम्मेदारी से फॉर्म भरें. फॉर्म में अपनी सोर्स ऑफ इनकम जैसे सैलरी, सेविंग्स बैंक अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट का सही-सही उल्लेख करें.