ऑस्ट्रेलिया में मेलबर्न का मैदान और बॉक्सिंग डे टेस्ट! मयंक अग्रवाल की इससे कुछ खास यादें जुड़ी हैं. साल 2018-19 में जब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आई थी, तब मयंक को यहां डेब्यू का मौका मिला था. दो साल बाद एक बार फिर मयंक उसी दिन और उसी मैदान पर मैच खेलने के लिए तैयार हैं, जहां से उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज किया था. इस बल्लेबाज ने इस मैच से एक दिन पर अपनी डेब्यू कैप के साथ एक तस्वीर साझा कर उस लम्हे को बयां किया है. Also Read - Australia vs India: ऑस्ट्रेलियाई सहायक कोच को यकीन- क्वालिटी बल्लेबाजों के दम पर गाबा में वापसी कर सकती है टीम इंडिया

दो साल पहले मयंक तब टीम इंडिया में उस दल का हिस्सा भी नहीं थे, जो ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज खेलने के लिए यहां आया था. लेकिन सीरीज की शुरुआत से पहले प्रैक्टिस मैच में ही पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) चोटिल होकर सीरीज से बाहर हो गए और पहले दो टेस्ट में भारतीय टीम की ओपनिंग जोड़ी भी फिसड्डी साबित हुई. इसके बाद आनन-फानन ने तीसरे ओपनर के रूप में मयंक अग्रवाल को ऑस्ट्रेलिया भेजा गया. Also Read - गाबा टेस्ट: तीसरे दिन पुजारा-रहाणे आउट; लंच तक भारतीय टीम का स्कोर 161/4

मयंक तब बीते कई सालों से घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बना रहे थे. उन्हें जैसे इसी मौके का इंतजार था. उन्हें बॉक्सिंग डे टेस्ट में पहली बार टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका मिला. उन्होंने अपने डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में ही शानदार 76 रन जड़कर टीम इंडिया को संदेश दे दिया ओपनिंग स्लॉट पर यह जगह उन्हीं की है. इसके बाद मैच की दूसरी पारी में उन्होंने 42 रन की बेजोड़ पारी खेली. टीम इंडिया ने यह मैच 137 रन से अपने नाम किया. Also Read - India vs Australia 4th Test: रोहित शर्मा को अपने शॉट पर आउट होने का नहीं कोई पछतावा, बोले- ऐसे ही खेलूंगा

इसके बाद मयंक ने टेस्ट ओपनर के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली और उन्होंने यहां से पीछे मुड़कर नहीं देखा. अब तक वह 12 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, जिसमें उनके नाम 52.63 की औसत से 1000 रन दर्ज हैं. वह अब तक 3 शतक और 4 हाफ सेंचुरी अपने नाम कर चुके हैं. टेस्ट करियर में वह एक दोहरा शतक भी अपने नाम कर चुके हैं.

 

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मयंक ने अपनी टेस्ट कैप के साथ इस तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, ’26-12-2018: यह उस बच्चे के लिए खास है, जो हमेशा ही अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के सपने संजोता था, टेस्ट कैप मिलने के बाद मेरे दिमाग में तब बहुत सारी भावनाएं उमड़ रही थीं. MCG में बैटिंग के लिए बाहर आने की वे यादें बिल्कुल भी भूली नहीं हैं. उस अहसास को शब्दों में बयां करना मुश्किल है. ऐसी याद, जो मुझे हमेशा याद रहेगी.’