नई दिल्ली. भारत के खिलाफ सक्रिय आतंकवादी संगठन लश्करे तैयबा (Lashkar-e-Taiba) अब आतंकी हमलों के लिए पड़ोसी देश नेपाल में अपनी जाल बिछा रहा है. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक इस आतंकी संगठन ने नेपाल में अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं. भारत की खुफिया एजेंसियों को जो सूचनाएं मिली हैं, उसके अनुसार आतंकी संगठन के इस मंसूबे को पूरा करने में पाकिस्तान भी पूरी तरह से मदद कर रहा है. वह इस संगठन को जरूरी आर्थिक मदद मुहैया करा रहा है, ताकि साजिशों की जमीन तैयार होने के बाद भारत में आतंकवादी हमले कराए जा सकें. बता दें कि भारत के कई राज्यों की सीमाएं नेपाल से सटी हुई हैं. अन्य देशों के उलट नेपाल के साथ भारत की सीमाएं खुली हुई हैं. ऐसे में आतंकियों के सड़क के रास्ते भारत में आसानी से आने की आशंकाएं हर वक्त बनी रहती हैं.

एनजीओ के बहाने आतंकी गतिविधियों की पैरोकारी
हमारी सहयोगी वेबसाइट जीन्यूज.कॉम के अनुसार, खुफिया सूचनाओं से पता चला है कि लश्करे तैयबा ने नेपाल में एक इस्लामिक एनजीओ (गैर सरकारी संस्था) शुरू किया है. सूत्रों के अनुसार काठमांडू स्थित पाकिस्तानी दूतावास सीधे तौर पर तो इस एनजीओ को मदद नहीं पहुंचा रहा है, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से इसकी आर्थिक सहायता की जा रही है. बताया गया है कि यह एनजीओ वैसे तो इस्लाम के नाम पर शुरू किया गया है, लेकिन इसके काम-काज का जिम्मा लश्करे तैयबा ने संभाल रखा है. हाल ही में नेपाल में स्थित पाकिस्तान के दूतावास में काम करने वाले पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के दो अधिकारियों ने बिराटनगर के मोरंग जिले का दौरा किया था. इन दोनों अधिकारियों के मोरंग दौरे को भारतीय खुफिया एजेंसियां संदेह की नजरों से देख रही हैं.

बांग्लादेश में भी सक्रिय हैं आतंकवादी संगठन
भारत के खिलाफ पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों के मंसूबे किस कदर खतरनाक हैं, इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि ऐसे संगठन अब बांग्लादेश के रास्ते भी भारत में अपनी पहुंच बनाने में लगे हुए हैं. भारत के पड़ोस में स्थित देशों के पाकिस्तानी दूतावास से इन आतंकी संगठनों को खुलेआम मदद दी जाती रही है. खुफिया एजेंसियों को जो इनपुट मिले हैं, उसके अनुसार बांग्लादेश में स्थित पाकिस्तानी दूतावास से भी भारत विरोधी गतिविधियों के संचालन की खबरें हैं. खुफिया सूचनाओं की मानें तो इन आतंकी संगठनों को पाकिस्तान की सरकार अपने दूतावासों के जरिए स्थापित करती है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई इन आतंकियों को डिप्लोमैट बनाकर विदेशों में भेजती है, जहां पर ये भारत में हमला करने की रणनीति बनाते हैं. बांग्लादेश में भी यही कहानी दोहराई जा रही है. इन आतंकी संगठनों का मंसूबा बांग्लादेश के रास्ते पश्चिम बंगाल की सीमा में घुसपैठ कर यहां आतंकी हमलों को अंजाम देना है.

बांग्लादेश में तैयार की जा रही आतंकियों की फौज
खुफिया एजेंसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने जीन्यूज को बताया कि ढाका स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन से जुड़े कुछ अधिकारियों ने हाल ही में बांग्लादेश में सक्रिय कुछ आतंकी संगठनों के साथ बैठक की है. इस बैठक में आत्मघाती हमलावरों को तैयार किए जाने को लेकर बातचीत हुई थी. पाकिस्तानी अधिकारियों ने बांग्लादेश के आतंकी संगठनों को इस बात के लिए आश्वस्त किया है कि वे हाल ही में भर्ती हुए 100 नए आतंकियों को आत्मघाती धमाके की ट्रेनिंग दिलवाएंगे. खुफिया एजेंसी को मिले इनपुट के मुताबिक इन नए आतंकी रंगरूटों को ट्रेनिंग के बाद पश्चिम बंगाल में विभिन्न स्थानों पर भेजे जाने की बात की गई है. खुफिया एजेंसी से जुड़े अधिकारी ने जीन्यूज को बताया कि हाल के दिनों में बांग्लादेश की शेख हसीना सरकार ने एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को अपने देश में आने से मना कर दिया था. इसके पीछे बांग्लादेश सरकार की स्पष्ट सोच थी कि वह अपने देश को आतंकी गतिविधियों का अड्डा नहीं बनने देना चाहती है.