Lala Lajpat Rai Birth Anniversary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख अगुवाओं में से एक लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर मंगलवार को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि लाला लाजपत राय का बलिदान भारतीयों को सदैव प्रेरित करता होगा. पंजाब केसरी के तौर पर प्रसिद्ध, राय का जन्म 1865 में पंजाब के मोगा में हुआ था. प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर कहा, भारत माता के बहादुर बेटे, पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर नमन. देश की आजादी के लिए उनका बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा.


कौन थे लाला लाजपत राय 

लाला लाजपत राय देश के चुनिंदा स्वतंत्रता संग्राम सेना के रूप में गिने जाते हैं जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपनी जान को दाव पर लगा दिया था. लाला लाजपत राय पूर्ण स्वराज की वकालत करते थे. अपने कॉलेज के दिनों में वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों जैसे पंडित गुरुदत और लाल हंस राज से संपर्क किया और तब से वह स्वतंत्रता की लड़ाई में कूद पड़े थे. बता दें कि लाला लाजपत राय कांग्रेस के नीतियों के हमेशा खिलाफ रहे हैं. बाल गंगाधर तिलक, अरविंदो घोष और बिपिन चंद्र पाल के साथ वह भी क्रांग्रेस के खिलाफ रहे हैं. लाल-बाल-पाल इन्हीं तीन नेताओं को कहा जाता है.

लाला लाजपत राय ने आजादी की लड़ाई के लिए वकालत को त्याग दिया और फिर देश को आजाद कराने में जुट गए. उन्होंने दुनिया के सामने ब्रिटिश अत्याचारों को उजागर किया. ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारत को अन्य देशों के सहयोग मिल सके इसके लिए उन्होंने कई देशों की यात्रा की. इस यात्रा का मकसद भारतीयों पर हो रहे अत्याचार को जाहिर करना व अन्य देशों से सहयोग की गुंजाइश थी. साल 1917 में लाला लाजपत राय ने अमेरिका के न्यूयॉर्क में होम रूल लीग की स्थापना की.

लाला लाजपत राय ने जलियावालाबाग हत्याकांड के बाद पंजाब में ब्रिटिश शासन के खिलाफ आंदोलन उग्र आंदोलन किया. गांधीजी के असहयोग आंदोलन को लाला लाजपत राय ने पंजाब ने नेतृत्व दिया. चौरी-चौरा कांड के बाद लाला लाजपत राय ने अपने एक अलग पार्टी बनाई और पार्टी का नाम रखा इंडिपेंडेंस पार्टी.

लाला लाजपत राय का निधन

साल 1929 में साइमन कमीशन भारत आया. इस कमीशन का मकसद संविधान में सुधारों पर चर्चा करना था. इस कमीशन में एक भी भारतीय नागरिक नहीं था जो भारतीयों की नुमाइंदगी कर सके. इसके खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन किया गया. इस प्रदर्शन में सबसे आगे लाला लाजपत राय थे. लाला लाजपत राय लाहौर में साइमन कमीशन के आने का विरोध शांतिपूर्ण ढंग से कर रहे थे. इस बीच ब्रिटिश अधिकार जेम्स.ए.स्कॉट ने विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए लाठी चार्ज का आदेश दिया. इसके बाद पुलिस ने लाला लाजपत राय को जानबूझकर निशाना बनाया और उनकी छाती पर लाठी से वार किया. लाठी से चोट लगने के बाद लाला लाजपत राय घायल हो गएं और 17 नवंबर 1928 को हार्ट अटैक की वजह से लाला लाजपत राय का निधन हो गया. हालांकि बाद में भगत सिंह ने लाला लाजपत राय की मौत का बदला ले लिया.