राजस्थान में इस समय ‘जादूगर’ और पायलट दो शख्स हैं, जिनकी खूब चर्चा हो रही है. जादूगर जहां अपने अनुभव को दिखा रहा है, वहीं पायलट टॉप गेयर में अपनी चुनावी रणनीति को आगे बढ़ा रहा है. ये शख्स जितना राजनैतिक चुनौतियों से लड़ रहा है, उतना ही अपनी लव स्टोरी को अंजाम तक पहुंचाने में आई चुनौतियों का सामना कर चुका है. हिंदू गुर्जर परिवार से आने वाले इस नेता ने कश्मीर के मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने वाली लड़की से पहले प्रेम किया और फिर शादी के लिए अपने परिवार वालों को मनाया. लेकिन लड़की के परिवार वालों को ये मंजूर नहीं था. शादी हुई भी, लेकिन लड़की के तरफ से कोई भी शामिल नहीं हुआ. हम बात कर रहे हैं सचिन पायलट और उनकी पत्नी सारा की. Also Read - राजस्थान में सीएम को लेकर शुरू हुई बात? इस तरह गहलोत-पायलट पेश कर रहे हैं दावा

सचिन पायलट की बात की होती है तो उनकी शादी के किस्से पर अपने आप चर्चा शुरू हो जाती है. लंदन पढ़ने गए सचिन पायलट को वहां एक लड़की से प्यार होता है. वह लड़की कोई और नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के सीएम रहे फारुख अब्दुल्ला की बेटी सारा है. सचिन के पिता राजेश पायलट देश की राजनीति में मुख्य भूमिका में थे. ऐसे में दोनों ही एक राजनैतिक परिवार से ताल्लुक रखते थे. पढ़ाई के दिनों में दोनों को ऐसा लगता था कि उनकी आसानी से शादी हो जाएगी, लेकिन जब बात परिवारों तक पहुंची तो मामला अटक गया. Also Read - 3 राज्यों के 5 राजघराने: कोई सीएम रह चुका है तो किसी को है बनने की उम्मीद

सारा ने बताई पूरी बात
सारा और सचिन को शादी के कुछ ही महीनों बाद रॉन्डिवू विद सिमी ग्रेवाल शो में बुलाया गया था. इसमें सारा ने कहा, ‘सचिन और मेरे परिवारों में दोस्ती थी. मेरी सचिन से बचपन से दोस्ती थी. लेकिन लंदन में रहने के दौरान पिछले तीन साल में हमारी दोस्ती प्रेम में बदल गई. इस बीच सचिन लंदन से अपनी पढ़ाई पूरी कर भारत आ चुके थे और वह लंदन में ही थीं. उन्होंने कहा, हम दोनों फोन, मैसेज, ईमेल से एक दूसरे के संपर्क में रहते थे. इस बीच उन्हें लगने लगा कि अब शादी कर लेनी चाहिए. सचिन ने इस शो में कहा था, मैं भाग्य और डेस्टिनी में विश्वास करता हूं. हमें महसूस होता था कि शादी करके हम खुश रहेंगे. इससे ज्यादा महत्वपूर्ण हमारे लिए कुछ नहीं था. Also Read - झालरापाटन से जीत गईं वसुंधरा राजे सिंधिया, नहीं चला मानवेंद्र का जादू

सारा को इस वजह से नहीं थी विरोध की उम्मीद
सचिन पायलट अपने परिवार को मनाने में सफल रहे, लेकिन सारा के परिवार को आपत्ति थी. सारा को इसकी उम्मीद नहीं थी कि उनके परिवार को लोग इस शादी का विरोध करेंगे. इसके पीछे का तर्क ये था कि उनके पिता ने कैथोलिक क्रिश्चियन महिला से शादी की थी तो भाई ने सिख महिला से. लेकिन, विरोध तो विरोध ही होता है. इसके बावजूद सारा ने सचिन से शादी का निर्णय लिया.

सचिन की पत्नी सारा

सचिन की पत्नी सारा

साल 2004 में हुई शादी
15 जनवरी साल 2004 को सचिन और सारा की शादी दिल्ली के कनिंग लेन में थी. इस शादी में सारा के पिता और भाई सहित पूरा परिवार शामिल नहीं था. सारा के पिता डॉ. फारुख अब्दुल्ला लंदन में थे तो भाई उमर अब्दुल्ला अपेंडिसाइट्स के इलाज के लिए दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे. ऐसे में सारा की तरफ से कोई भी शादी में शामिल नहीं हुआ. हालांकि, बाद में ये चर्चा उठी की अब्दुल्ला परिवार ने कश्मीर की राजनीति को देखते हुए शादी से दूरी बनाने का फैसला लिया.

खत्म हुई दूरियां
शादी के 14 साल बाद आज सारा और सचिन के दो बेटे हैं. आरान और विहान. अब्दुल्ला परिवार से पायलट परिवार की दूरियां कुछ ही महीनों में खत्म हो गई और दोनों परिवारों में रिश्ते सामान्य हो गए. फारूक और सचिन उसके बाद कई बार राजनैतिक मंच पर भी दिखे.

इस तरह बने सांसद
जब सचिन की शादी हुई वह एक एमएनसी में जॉब कर रहे थे. कुछ ही महीनों बाद राजेश पायलट की एक हादसे में मौत हो जाती है, जिसके बाद सचिन को राजनीति में आना पड़ा. उन्होंने अपने पिता की पारंपरिक राजस्थान की दौसा सीट से चुनाव लड़ा. 26 साल की उम्र में वह बड़े अंतर से जीत हासिलकर लोकसभा पहुंचे. सारा महिलाओं के लिए काम करती हैं. वह योगा इंस्ट्रक्टर भी हैं.