नई दिल्ली. महाराष्ट्र सरकार राज्य के दो बड़े शहरों के बीच बुलेट ट्रेन और फ्लाइट से भी ज्यादा तेज हाइपरलूप सर्विस शुरू करने पर विचार कर रही है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र के बड़े शहरों में से एक पुणे के बीच चलने वाली हाइपरलूप सर्विस से दोनों शहरों की दूरी 25 मिनट में तय की जा सकेगी. राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीते दिनों अमेरिकी कंपनी हाइपरलूपवन के परीक्षणस्थल का दौरा करने के बाद यह उम्मीद जताई है. फडणवीस ने अमेरिका के नेवादा में स्थित वर्जिन हाइपरलूपवन के परीक्षणस्थल का दौरा किया और कंपनी के सीईओ रॉब लॉयड से मुलाकात की. सीएम की वर्जिन कंपनी के सीईओ से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक टि्वटर हैंडल से जानकारी दी गई कि मुंबई-पुणे रूट पर हाइपरलूप चलाने की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट पूरी हो गई है. वर्जिन कंपनी की ओर से जल्द ही इंजीनियरों की एक टीम इस प्रोजेक्ट का अध्ययन करने के लिए पुणे आएगी.

Hyperloop

 

सीएम ने कहा- 4 घंटे का सफर 25 मिनट में
मुंबई से पुणे के बीच हाइपरलूप परियोजना के विकसित होने के बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी मौजूदा चार घंटे से कम होकर महज 25 मिनट रह जाएगी. सीएम देवेंद्र फडणवीस हाइपरलूपवन के परीक्षणस्थल का दौरा करने के बाद टि्वटर पर जानकारी दी कि मुंबई-पुणे रूट पर हाइपरलूप सर्विस से इन दो बड़े शहरों की न सिर्फ दूरी कम होगी और लोगों का समय बचेगा, बल्कि यह आर्थिक और सामाजिक रूप से दोनों शहरों के कारोबार को भी बढ़ाएगा. सीएमओ के आधिकारिक ट्वीट में कहा गया, ‘शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक, सस्ती हाइपरलूप प्रणाली मुंबई-पुणे के बीच एक्सप्रेस-वे के जाम को कम करेगी. साथ ही वातावरण में ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में सालाना डेढ़ लाख टन तक की कमी करेगी.’

70 फीसदी भारतीय सामग्री से होगा निर्माण
मुंबई-पुणे के बीच हाइपरलूप प्रणाली के क्रियान्वयन को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस खासे उत्साहित हैं. उन्होंने इस प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र के विकास के लिए काफी सकारात्मक कदम कहा है. साथ ही यह उम्मीद भी जताई है कि राज्य के दो शहरों के बीच प्रस्तावित यातायात के इस नवीनतम प्रयोग के निर्माण में महाराष्ट्र की ही 70 प्रतिशत सामग्री का इस्तेमाल होगा. सीएम ने यह भी बताया है कि पुणे में हाइपरलूप सर्विस के डिमॉन्सट्रेशन के लिए जगह भी देख ली गई है. सीएमओ के आधिकारिक टि्वटर हैंडल पर बताया गया है, ‘हाइपरलूप प्रणाली के लिए 70 प्रतिशत निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी चीज महाराष्ट्र में ही उपलब्ध हैं. पुणे क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (PMRDA) ने हाइपरलुपवन सर्विस के शुरुआती परीक्षण के लिए पुणे में 15 किलोमीटर के ट्रैक की पहचान कर ली है.’

Hyperloop-1

 

हाइपरलूप की रफ्तार 1000 किमी प्रति घंटा
मुंबई-पुणे के बीच हाइपरलूप सर्विस लॉन्च करने की बात नई नहीं है. महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 2017 में ही इसके लिए वर्जिन कंपनी के साथ करार किया था. मैग्नेटिक महाराष्ट्र इंन्वेस्टर समिट के दौरान यह प्रस्ताव सामने आया था, जिसके बाद वर्जिन कंपनी ने राज्य सरकार के साथ इंटेंट एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की थी. वर्जिन कंपनी का दावा है कि हाइपरलूप प्रणाली के जरिए मुंबई से पुणे के बीच की दूरी 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तय की जा सकेगी. यानी महज 15 मिनट के भीतर लोग एक शहर से दूसरे शहर पहुंच सकेंगे. मैग्नेटिक महाराष्ट्र समिट के दौरान वर्जिन ग्रुप के चेयरमैन रिचर्ड ब्रैनसन ने कहा था कि हाइपरलूप सिस्टम में सालाना 15 करोड़ लोग इन दोनों शहरों के बीच सफर कर सकेंगे. बता दें कि इस समय संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, कनाडा, फिनलैंड और नीदरलैंड में भी हाइपरलूप सिस्टम पर काम हो रहा है.

फोटो साभारः वर्जिन हाइपरलूपवन

फोटो साभारः वर्जिन हाइपरलूपवन

 

देश के अन्य शहरों में भी हाइपरलूप
मुंबई-पुणे के बीच हाइपरलूप प्रणाली का प्रस्ताव नया है. आंध्र प्रदेश सरकार भी विजयवाड़ा और अमरावती शहर को जोड़ने के लिए इस प्रणाली के इस्तेमाल पर विचार कर रही है. आंध्रप्रदेश सरकार ने अमेरिकी कंपनी हाइपरलूप ट्रांसपोर्टेशन टेक्नॉलजीज के साथ इस बाबत समझौता किया है. सरकार का दावा है कि हाइपरलूप प्रणाली के इस्तेमाल से इन दोनों शहरों के बीच की एक घंटे की यात्रा घटकर केवल 5-6 मिनट की हो जाएगी. इसके अलावा वर्जिन हाइपरलूपवन कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक भारत में मुंबई से चेन्नई और चेन्नई से बेंगलुरू के बीच भी हाइपरलूप प्रणाली जैसे यातायात के साधन विकसित करने का प्रस्ताव है. कंपनी का अनुमान है कि देश के पश्चिमी और दक्षिणी इलाके को तेज रफ्तार यातायात से जोड़ने के लिए हाइपरलूप प्रणाली सबसे सटीक साधन है.