नई दिल्ली. बिहार के दरभंगा से देश की राजधानी नई दिल्ली को जोड़ने वाली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस आज से बिल्कुल नए कलेवर में चलने लगी. इस ट्रेन की बोगियों पर मिथिला पेंटिंग (मधुबनी चित्रकला) की गई है, जिससे दरभंगा-दिल्ली रूट की इस सबसे महत्वपूर्ण ट्रेन की खूबसूरती बढ़ गई है. इस ट्रेन से सफर करने वालों को अब मिथिला की सांस्कृतिक और कला की विरासत के साथ यात्रा का आनंद मिल सकेगा. रेलमंत्री पीयूष गोयल ने भी बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के नई बोगियों की तस्वीर टि्वटर पर शेयर की. उन्होंने रेलवे की इस पहल को देश की प्राचीन विरासत के साथ जोड़ते हुए कहा कि इससे मिथिला चित्रकला (Mithila Painting) का प्रचार-प्रसार होगा. Also Read - बिहार की ट्रेनों पर दिखेगी मिथिला पेंटिंग, राजधानी और संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से होगी शुरुआत

रेल मंत्री ने कहा- मिथिला की विरासत दिखाएगी ट्रेन

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की बोगियों पर मिथिला पेंटिंग को इस प्राचीन क्षेत्र की विरासत सहेजने वाला कदम बताया. अपने ट्वीट में रेल मंत्री ने कहा है, ‘मिथिला की सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत को दर्शाती बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस आज से अपने नए लुक में चलेगी, ट्रेन की बोगियों पर बनाई मिथिला पेंटिंग्स से इस कला को प्रचार तथा विस्तार मिलेगा, तथा देश की प्राचीन विरासत को एक बार फिर से पहचान मिलेगी.’ इससे पहले रेल मंत्रालय ने भी बिहार संपर्क क्रांति के नए लुक में चलने को लेकर इसकी तस्वीरें आधिकारिक टि्वटर हैंडल पर शेयर की थीं. बता दें कि एक महीने पहले बिहार से चलने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों की बोगियों पर मिथिला पेंटिंग किए जाने की खबर आई थी. मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि पटना राजधानी और बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की बोगियों पर रेलवे मिथिला पेंटिंग बनवाएगी.

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नया नहीं रेलवे का मिथिला पेंटिंग प्रयोग

ऐसा नहीं है कि रेलवे पहली बार मिथिला पेंटिंग के ट्रेनों पर इस्तेमाल से संबंधित प्रयोग कर रहा है. कुछ ही महीने पहले मधुबनी स्टेशन परिसर की दीवारों पर मिथिला पेंटिंग किए जाने की खबरें आई थीं. मिथिला पेंटिंग करने वाले कलाकारों ने मधुबनी स्टेशन पर दिन-रात मेहनत कर महज 10 दिनों में इस स्टेशन को खूबसूरत बना दिया. गौरतलब यह है कि एक साल पहले मधुबनी स्टेशन को स्वच्छता के पैमानों पर सबसे निचली रैंक मिली थी. यानी इसे देश के सबसे गंदे स्टेशनों में से एक बताया गया था. लेकिन मिथिला चित्रकला के प्रयोग से इस स्टेशन की दीवारें भी अब चमक उठी हैं. वहीं, मधुबनी स्टेशन पर मिथिला चित्रकारी किए जाने के वर्षों पहले बरौनी से नई दिल्ली तक चलने वाली वैशाली एक्सप्रेस की बोगियों में भी रेल मंत्रालय की पहल पर मिथिला पेंटिंग से जुड़ी तस्वीरें लगाई गई थीं. आज भी वैशाली एक्सप्रेस की बोगियों में आपको दुनिया की इस अनोखी चित्रकारी से सजी तस्वीरें दिख सकती हैं.

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उत्तर बिहार में गहरी हैं मिथिला पेंटिंग की जड़ें

बिहार के उत्तरी हिस्से में पड़ोसी देश नेपाल से सटे सीमावर्ती जिले मधुबनी का नाम मिथिला पेंटिंग के लिए प्रसिद्ध रहा है. यहां की चित्रकला सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक में जानी जाती है. मिथिला चित्रकला को मधुबनी पेंटिंग्स के नाम से भी जाना जाता है. नेपाल के प्रवेश द्वार के रूप में प्रसिद्ध इस जिले के घर-घर में चित्रकारी की समृद्ध परंपरा है. मधुबनी पेंटिंग को मिथिला क्षेत्र में ‘अरिपन’ (अल्पना या रंगोली) के नाम से जाना जाता है. पर्व-त्योहार या शादी-विवाह के मौकों पर घरों में रस्मी तौर पर ‘अरिपन’ बनाने की यही परंपरा बाद में चलकर मिथिला पेंटिंग के नाम से प्रसिद्ध हुई. हाल के दिनों में मिथिला पेंटिंग से जुड़े कलाकारों ने बिहार के मुख्यमंत्री निवास पर भी अपनी कलाकारी का प्रदर्शन किया. कलाकारों ने मुख्यमंत्री आवास में एक दीवार पर मिथिला पेंटिंग बनाई.

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