नई दिल्ली. अमेरिकी अंतिरक्ष एजेंसी नासा (National Aeronautics and Space Administration) ने आज अंतरिक्ष विज्ञान की जगत में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. नासा ने सूरज को छूने वाला सैटेलाइट लॉन्च कर दिया है. नासा ने अपने ‘टच द सन’ मिशन के तहत आज विशेष तौर पर डिजाइन किया गया स्पेसक्राफ्ट सोलर प्रोब लॉन्च किया. नासा का यह अभियान अपने आप में इसलिए अनोखा है, क्योंकि इससे पहले दुनिया के किसी भी देश की अंतरिक्ष एजेंसी ने सूरज के अध्ययन के लिए अपना स्पेसक्राफ्ट नहीं भेजा है. नासा का दावा है कि उसका सोलर प्रोब सैटेलाइट सूरज के सबसे करीब पहुंचेगा. इस सैटेलाइट को शनिवार को ही लॉन्च किया जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसकी लॉन्चिंग में बाधा आ गई. इस वजह से सोलर प्रोब सैटेलाइट आज लॉन्च किया जा सका. अमेरिकी शहर फ्लोरिडा के कैप कैनवेरल से इस अंतरिक्ष यान को लॉन्च किया गया. Also Read - Uber joins hand with NASA to develop flying taxis | उड़ने में सक्षम टैक्सियों के विकास के लिए उबर ने मिलाया नासा से हाथ

लॉन्च से पहले अलार्म ने रोकी थी उड़ान
नासा का सोलर प्रोब शनिवार को तकनीकी वजहों से लॉन्च नहीं हो सका था. अधिकारियों ने बताया कि विलंब के कारण का तत्काल पता नहीं चल सका, लेकिन प्रक्षेपण से कुछ मिनटों पहले गैसीय हीलियम अलार्म बजने के बाद इसे टाला गया. बाद में नासा के इंजीनियरों ने इसकी गहनता से जांच की. नासा के विज्ञान मिशन निदेशालय के प्रमुख थॉमस जुर्बुचेन ने कहा था कि यह मिशन एजेंसी का रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मिशन में से एक है. नासा की ओर से शनिवार को कहा गया था कि यदि प्रक्षेपण के लिए 60 प्रतिशत स्थितियां अनुकूल होती हैं तो रविवार को तड़के स्थानीय समयानुसार तीन बजकर 31 मिनट पर प्रक्षेपण किया जा सकता है.

सैटेलाइट टटोलेगा सूर्य का प्रचंड तापमान
इतिहास में पहली बार सूर्य के करीब आकर मानव रहित जांच का मुख्य उद्देश्य परिमंडल, सूर्य के आसपास के असामान्य वातावरण के रहस्यों का खुलासा करना है. सूर्य के प्रचंड तापमान वाले वातावरण को टटोलने और इस तारे तक मानवों के पहले मिशन के उद्देश्य वाला यह अभियान करीब डेढ़ अरब डॉलर का है. कार के आकार का अंतरिक्षयान पार्कर सोलर प्रोब केप केनवरल से डेल्टा 4 हेवी रॉकेट के साथ लॉन्च किया गया. नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार इस यान का मुख्य लक्ष्य सूर्य की सतह के आसपास के असामान्य वातावरण के गूढ़ रहस्यों का पता लगाना है. सूर्य की सतह के ऊपर का क्षेत्र (कोरोना) का तापमान सूर्य की सतह के तापमान से करीब 300 गुना ज्यादा है. मिशीगन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और परियोजना वैज्ञानिकों में शामिल जस्टिन कास्पर ने कहा, ‘पार्कर सोलर प्रोब हमें इस बारे में पूर्वानुमान लगाने में बेहतर मदद करेगा कि सौर हवाओं में विचलन कब पृथ्वी को प्रभावित कर सकता है.’ इस यान को केवल साढ़े चार इंच (11.43 सेंटीमीटर) मोटी ऊष्मा रोधी शील्ड से सुरक्षित किया गया है, जो इसे सूर्य के तापमान से बचाएगी.

पार्कर सोलर प्रोब की ये हैं विशेषताएं
1- नासा का पार्कर सोलर प्रोब 7 लाख 24 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरेगा.
2- पृथ्वी से 1496 करोड़ किमी दूर सूर्य की तस्वीरें लेने के लिए सोलर प्रोब 4 महीने से ज्यादा की उड़ान भरेगा.
3- सोलर प्रोब सूर्य से 62 करोड़ किलोमीटर की दूरी तक ही जाएगा और वहीं से इसकी तस्वीरें लेगा.
4- नासा का सोलर प्रोब जब सूर्य की तस्वीरें ले रहा होगा, उस वक्त वहां का तापमान 1400 डिग्री सेल्सियस होगा.
5- नवंबर में यह अंतरिक्ष यान सूरज के सबसे करीब होगा, दिसंबर में यह वापसी का उड़ान भरेगा.