नई दिल्ली: तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की जीत के साथ ही मुस्लिम विधायकों की संख्या बढ़ गई है. पांच राज्यों में 19 मुस्लिम विधायक चुने गए हैं. सबसे बड़ा बदलाव राजस्थान में हुआ है. 2013 में मात्र दो मुस्लिम विधानसभा पहुंचे थे, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर आठ हो गई है. इस बार मध्य प्रदेश में दो और छत्तीसगढ़ में एक मुस्लिम विधायक जीत कर आए हैं.

राजस्थान
राजस्थान के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सात मुस्लिम प्रत्याशियों को जीत मिली है. कांग्रेस ने यहां 15 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था. वहीं बीएसपी के टिकट पर एक मुस्लिम विधायक की जीत हुई है. बीजेपी के एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार युनुस खान हार गए. लगभग दो दशक बाद भाजपा के विधायक दल में कोई मुस्लिम चेहरा नहीं होगा. नव-निर्वाचित मुस्लिम विधायक हैं किशनपोल से अमीन कागजी, आदर्शनगर से रफीक खान, कामां से जाहिदा खान, सवाई माधोपुर से दानिश अबरार, पोकरण से शाले मोहम्मद, शिव से अमीन खान और फतेहपुर से हाकम अली खान. 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का कोई भी मुस्लिम प्रत्याशी नहीं जीता था.

मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में लगभग एक दशक बाद ऐसा होगा कि विधानसभा में एक से ज्यादा मुस्लिम विधायक देखने को मिलेंगे. ये दोनों ही विधायक कांग्रेस पार्टी की ओर से जीते हैं. आरिफ अकील भोपाल (नॉर्थ) से पिछले 6 बार से जीतते आ रहे हैं. वह 2008 और 2013 में एक मात्र मुस्लिम विधायक थे.

वहीं दूसरे विधायक हैं आरिफ मसूद. उन्होंने भोपाल सेंट्रल से जीत हासिल की है. बीजेपी ने मध्य प्रदेश में एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार कांग्रेस के पूर्व मंत्री रसूल अहमद सिदक्की की बेटी फातिमा को टिकट दिया था जिन्हें हार का सामना करना पड़ा.

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में मुस्लिमों की आबादी दो प्रतिशत से भी कम है. कांग्रेस ने यहां दो मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया था वहीं बीजेपी ने एक मुस्लिम को उम्मीदवार बनाया था. कांग्रेस के मोहम्मद अकबर ने कवर्धा से भारी अंतर से जीत हासिल की. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अशोक साहू को 59284 मतों से हराया. हालांकि कांग्रेस के दूसरे मुस्लिम प्रत्याशी बदरुद्दीन कुरैशी वैशाली नगर सीट से हार गए.

तेलंगाना
119 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में पार्टियों ने 26 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था. AIMIM के आठ और टीआरएस के एक मुस्लिम उम्मीदवार ने जीत हासिल की. बीजेपी ने शहजादी सैयद के रूप में एक मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट दिया था लेकिन उन्हें हार का सामना करन पड़ा. कांग्रेस ने 9 और टीडीपी ने एक मुस्लिम उम्मीदवार को उतारा था. वहीं टीडीपी ने एक उम्मीदवार को टिकट दिया था. टीआरएस ने 8 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था. सिर्फ सकिल अमीर मोहम्मद ने जीत हासिल की.