नई दिल्ली. हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से एक नारा ‘मोदी है तो मुमकिन है’ बहुत मशहूर हुआ था. पार्टी की ऐतिहासिक चुनावी जीत के पीछे इस नारे को भी एक वजह माना जा सकता है. लेकिन क्या यह संभव है कि किसी चुनावी नारे का असर धार्मिक यात्राओं पर भी पड़े? जी हां, यह संभव है. यकीन न हो तो उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) में इस साल पहुंचने वाले श्रद्धालुओं या पर्यटकों की संख्या के आंकड़े को देख लें. लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने केदारनाथ धाम की यात्रा की थी. इस दौरान उन्होंने यहां की एक गुफा में साधना भी की थी. पीएम मोदी के दौरे का असर है कि इस साल केदारनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं या कह लें कि सैलानियों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है. पिछले डेढ़ महीने में 7 लाख से ज्यादा यात्री केदारनाथ आ चुके हैं.

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra) को लेकर हर साल लाखों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं. केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री आदि स्थानों पर गर्मी के दिनों में आस्था के इन केंद्रों पर हर साल भारी भीड़ जुटती है. लेकिन वर्ष 2019 में केदारनाथ धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में जबर्दस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 45 दिनों में 7 लाख से ज्यादा सैलानी केदारनाथ पहुंच चुके है, जो कि एक रिकॉर्ड है. वर्ष 2013 में आई प्रलयंकारी बाढ़ में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की मौत के बाद अगले एक-दो वर्षों में भले ही केदारनाथ पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में कमी देखी गई हो, लेकिन 2019 में पीएम मोदी के दौरे के बाद लाखों सैलानियों की आमद ने इस पहाड़ी राज्य के पर्यटन-उद्योग में बूम ला दिया है.

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अखबार की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल यानी 2018 में छह महीनों के दौरान 7.32 लाख सैलानी केदारनाथ पहुंचे थे. लेकिन इस साल चार धाम यात्रा शुरू होने के महज 45 दिनों में यह आंकड़ा 7.35 लाख तक पहुंच गया है. चार धाम यात्रा कुल 6 महीनों की होती है, यानी अभी इस आंकड़े में और बढ़ोतरी होगी. उत्तराखंड पर्यटन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार केदारनाथ में इस साल एक दिन में 36 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का भी रिकॉर्ड बना है. बीते 7 जून को तो 36 हजार 179 श्रद्धालु केदारनाथ धाम में दर्शन करने पहुंचे थे. सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस तादाद में सैलानियों का आना एक रिकॉर्ड है, जो सिर्फ पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे की वजह से ही संभव हो सका है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बदरी-केदार मंदिर कमेटी के सीईओ बीडी सिंह ने कहा, ‘अभी चार धाम यात्रा के पूरा होने में 5 महीने बाकी है. हमें उम्मीद है कि अक्टूबर के अंत तक, जब मंदिर के कपाट बंद होंगे और यात्रा समाप्त होगी, केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 15 लाख से ज्यादा तक पहुंच सकती है.’

उत्तराखंड पर्यटन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2013 की बाढ़ के बाद केदारनाथ आने वाले सैलानियों की संख्या में कमी आई थी. लेकिन बाद के वर्षों में यह संख्या बढ़ी. 2019 में पीएम मोदी के दौरे के बाद इस आंकड़े ने अब रिकॉर्ड ऊंचाई को छू लिया है. अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2013 में केदारनाथ में 3.33 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे, लेकिन इसके अगले साल 2014 में यह संख्या घटकर 40 हजार 922 पर सिमट गई थी. वर्ष 2015 में इसमें वृद्धि हुई और 1.54 लाख श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे. 2016 में 3.09 लाख, 2017 में 4.71 लाख और 2018 में कुल 7.32 लाख सैलानी केदारनाथ पहुंचे थे. लेकिन 2019 में चार धाम यात्रा शुरू होने के सिर्फ 45 दिनों में 7.35 लाख श्रद्धालुओं का आना रिकॉर्ड है.

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गढ़वाल मंडल विकास निगम के जीएम बीएल राणा ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि केदारनाथ में बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं के आने का पूरा श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी को जाता है. उनकी वजह से ही इस साल सैलानियों की संख्या में अपार वृद्धि देखी जा रही है. उन्होंने कहा, ‘केदारनाथ धाम से पीएम मोदी का जुड़ाव रहा है. वे यहां होने वाले विकास के हर काम में निजी तौर पर दिलचस्पी लेते हैं. यही वजह है कि वे अक्सर यहां आते भी रहते हैं. खासकर इस साल जब उन्होंने केदारनाथ में बनी मेडिटेशन-गुफा में कुछ घंटे तक साधना की और बाद में केदारनाथ मंदिर आए, इससे देशभर के श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ा. यही वजह है कि इस साल हमें केदारनाथ में बड़ी संख्या में सैलानी आते दिख रहे हैं.’