मेरठ: दबंग के चुलबुल पांडे से लेकर सिंघम, तलाश और सिम्बा तक, इन सभी फिल्मों में आपने कुछ कॉमन देखा होगा और वो है पुलिस वालों की मूछें. दरअसल, मूंछों को पुलिसवालों के रौब और गौरव से जोड़कर देखा जाता है. यूं कहें कि पुलिसवालों की पर्सनैलिटी में मूंछें चार चांद लगा देती हैं तो गलत नहीं होगा. इस बात को पुलिस विभाग भी बेहद गंभीरता से लेता है और शायद यही वजह है कि इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को मूंछों की देखरेख के लिए भत्ता दिया जाता है.

इस बात की जानकारी कम लोगों को ही होगी कि अन्य अलाउएंस के साथ पुलिसवालों को उनकी मूंछों की देखभाग के लिए भी भत्ता दिया जाता है. लेकिन उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग ने दावा किया है कि यह भत्ता काफी नहीं है और पुलिसवालों को मूंछें रखने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए भत्ते की रकम को बढ़ाने की जरूरत है.

लिहाजा, अब उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मियों को मूंछें बढ़ाने और बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ‘मूंछ भत्ते’ को बढ़ाने की सिफारिश की गई है. पुलिस विभाग के अनुसार मूंछें पुलिसकर्मियों के व्यक्तित्व में गौरव पैदा करता है और इसलिए, मूंछ बढ़ाने के लिए पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है.

सूत्रों की मानें तो मूंछों के रखरखाव के लिए मासिक भत्ते को 50 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये करने का प्रस्ताव भेजा गया है. इस प्रस्ताव को भेजने वाले एडीजी, पीएसी, बिनोद कुमार सिंह ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने भत्ता में बढ़ोतरी की सिफारिश की है.

दरअसल, इसके जरिये उस पुरानी परंपरा को वापस लाने की कोशिश की जा रही है, जब पुलिसवाले कड़क मूंछे रखा करते थे. खासतौर से कड़क, घुमाउदार और ऐंठी हुई मूंछें पुलिसवालों के व्यक्तित्व में चार चांद लगा देती हैं. बिनोद कुमार सिंह के अनुसार मूंछों से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है और बढ़े हुए मनोबल के साथ वह अच्छा परिणाम भी देंगे.

सूत्रों की मानें तो पुलिस विभाग की इस सिफारिश के बाद मूंछ भत्ता में 400 फीसदी की बढ़ोतरी की जा सकती है.