Prime Minister Narendra Modi: साल 2014 लोकसभा चुनावों के बाद गुजरात के नरेंद्र दामोदर दास मोदी को भारत का प्रधानमंत्री चुना गया. इसके बाद इन्होंने कई काम किए, जिनकी कई बार तारीफ हुई तो की बार लोगों ने आलोचना भी की. इसके बाद साल 2019 में बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोबारा चुना गया. लेकिन साल के खत्म होते ही और साल 2020 शुरू होते ही भारत ही नहीं पुरी दुनिया के लिए यह साल बेहद बुरा साबित हुआ है. कोरोना महामारी से निपटने में पीएम मोदी की कुशल रणनीति व उनकी तैयारियों की प्रशंसा उनके विरोधी भी करने से बाज नहीं आ रहे हैं. पीएम मोदी का जन्म गुजरात में 17 सितंबर को हुआ था. इस लिहाज से पीएम का लकी नंबर 8 हुआ. शायद यही वजह होगी जो पीएम मोदी देश से जुड़ी अहम घोषणाओं के संबोधन का समय रात के 8 बजे ही रखते हैं. खैर आज पीएम देश को संबोधित करने वाले हैं, लेकिन आज हम आपको बताने वाले हैं कि आखिर ऐसी कौन कौन सी खास बाते हैं जो पीएम मोदी को सबसे अलग बनाती है. आखिर किन वजहों से पीएम एक साधारण से चायवाले से लेकर राजनीतिक के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचे और उनके जीवन की वो अहम बातें क्या हैं जिस कारण पीएम विषम परिस्थितियों में और भी उभर कर दुनिया के सामने आते हैं. Also Read - चीन से तनाव पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का बयान- 'नरेंद्र मोदी के भारत को कोई आंख नहीं दिखा सकता'

समय के पाबंद Also Read - India China News: भारत-चीन के बीच क्यों है तनातनी, क्या है विवाद, जानें हर बात...

पीएम के करीबियों या उनके साथ काम कर चुके लोगों की मानें तो पीएम नरेंद्र मोदी समय के पाबंद हैं. उनके जीवन में समय की काफी अहमियत है. यही कारण है कि पीएम अपने समय के हर सेकेंड का बखूबी इस्तेमाल करते हैं. वह आए दिन कई सभाओं को मैनेज करते हैं. साथ ही कई सारी मीटिंग्स में भी शामिल होते हैं. यही नहीं पीएम खुद कई इंटरव्यू में बता चुके हैं कि वह सुबह 3 या 4 बजे तक उठ जाते हैं. Also Read - लद्दाख गतिरोध: रक्षा मंत्री के बाद पीएम मोदी ने की अजीत डोभाल, CDS जनरल रावत व तीनों सेना प्रमुखों से मुलाकात

अनुशासन का असर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजनीति के शीर्ष पर पहुंचाने में उनके अनुशासित जीवन का अहम योगदान रहा है. पीएम अपने सभी कामों को समय रहते व निर्धारित समय में ही करते हैं. पीएम की दिनचर्या लगभग हर दिन तय रहती है. कुछ मीटिंग्स व खास मौकों को छोड़ दे तो पीएम हर दिन सुबह अपने समय पर उठते हैं. साथ ही व्यायाम व योग भी करते हैं. आप कई जगहों पर यह सवाल सुन चुके होंगे की प्रधानमंत्री जी आप ऐसा क्या करते हैं जो दिन भर चुस्त व फिट दिखाई पड़ते हैं. पीएम का मानना है कि नियमों के पाबंद होने व अनुशासन का पालन करने पर ही ऐसा संभव है.

काम के प्रति समर्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काम के प्रति समर्पित हैं यह बात किसी से छिपी नहीं है. चुनावों के दौरान पीएम मोदी ने 3 लाख किलोमीटर तक का फासला तय किया था. ऐसा हम नहीं कह रहे. ऐसा आंकड़ों के जरिए पता चला कि पीएम जिन जिलों में गांवों में चुनाव प्रचार के लिए उस हिसाब से इस दूरी को निकाला गया है. लगातार कई शहरों में घूमना व चुनाव प्रचार करना चाहे मौसम कैसा ही क्यों न हो यह पीएम को उनके काम के प्रति समर्पण को ही दर्शाता है. यही नहीं कोरोना वायरस महामारी के दौरान पीएम आए दिन किसी न किसी मीटिंग व बैठक में भाग ले ही रहे हैं. साथ ही महत्वपूर्ण घोषणाएं भी करते रहे हैं. पीए बिना थके हारे अपने कामों में लग कर उसे पूरा करते हैं. ये खूबी उन्हें बाकियों की अपेक्षा और भी खास बना देती हैं.

सफल जननेता

एक सफल जननेता की पहचान होती है कि वह सिर्फ किसी काम श्रेय सिर्फ अकेले ही नहीं लेता बल्कि वह उस श्रेय को सबसे पहले बाकियों में बांटता है. पीएम मोदी की यही खास बात कई मौकों पर देखने को मिली है, जब उन्होंने किसी काम को सफल बनाया हो लेकिन क्रेडिट पूरी टीम को दिया हो. पीएम हमेशा अपने साथ लोगों को लेकर चलने की बात करते हैं. चाहे कोरोना के खिलाफ जंग में लोगों से 22 मार्च के दिन जनता कर्फ्यू लागू करने की बात हो या फिर देश में लॉकडाउन लगाने को लेकर पीएम द्वारा जनता से मदद की अपील. हमेशा ही पीएम मोदी को जनता का साथ मिला है. पीएम की लोकप्रियता भी दुनियाभर में इस कारण बनी हुई है. बता दें की पीएम मोदी की फॉलोइन दुनिया किसी अन्य नेताओं से कहीं ज्यादा है. इस कारण वह एक सफल राजनेता व जननेता के रूप में लोगों के सामने आए हैं.

भाषाओं का सम्मान

अक्सर पीएम मोदी जब किसी सभा को संबोधित करते हैं या फिर किसी खास मौके पर वह कई तरह की स्थानीय भाषाओं का प्रयोग करते हैं. पीएम खुद गुजरात से ही क्यों न हों लेकिन वो जिस भी क्षेत्र में जाते हैं वहां के स्थानीय भाषा का इस्तेमाल वह हमेशा करते हैं. पीएम की इस कला के भी लोग कायल है. इससे भाषाओं के प्रति उनके सम्मान का संदेश भी जन जन तक पहुंचता है. साथ ही भाषाओं के महत्व से भी लोग रूबरू होते हैं.

ट्रिकी बातें

पीएम मोदी इकलौते ऐसे राजनेता हैं जो आपनी बातों को बेहद अनोखे व ट्रिकी ढंग से समझाते हैं. वह कई शब्दों के मतलब को बदलकर एक नया मतलब बना देते हैं. इसी के साथ वह उक्त विषय या हालात को जोड़े हुए लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच ही लेते हैं. कहीं न कहीं पीएम के हाजिर जवाब होने व बोलने की कमाल की कला का ही हिस्सा है. यही हैं वे सभी कारण जिस वजह से पीएम नरेंद्र मोदी की दुनिया में एक अनोखी छवि विकसित हुई है. यही नहीं महामारी के दौरान भी पीएम मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा आज पूरी दुनिया कर रही है.