नई दिल्ली: दो साल के ब्रेक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पश्चिम बंगाल में होंगे. इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक दुर्गा पूजा के दौरान राहुल गांधी की यात्रा का उद्देश्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जान फूंकना और वोटरों को अपने पाले में करने के लिए प्रेरित करना है. दुर्गा पूजा बंगाल का सबसे बड़ा पर्व है. कांग्रेस को लगता है कि वोटरों से जुड़ने का इससे अच्छा और सुनहरा मौका कोई और नहीं हो सकता. इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष बेलूर मठ जा सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कुछ साल पहले ऐसा कर चुके हैं. पीएम ने यहां स्वामी विवेकानंद के कमरे में ध्यान भी किया था और काफी भावुक दिखे थे. माना जा रहा है कि राहुल भी इस मठ के जरिए सूबे के वोटर्स को साधने की कोशिश करेंगे.ऐसी संभावना है कि दुर्गा पूजा के दौरान राहुल एक दिन बंगाल में रूक सकते हैं. हालांकि कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से मिलने का कोई प्लान नहीं है.

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने राहुल की यात्रा की पुष्टि करते हुए बताया कि राहुल गांधी 17 अक्टूबर को कोलकाता आएंगे. उन्होंने बताया कि दुर्गा पूजा बंगालियों का सबसे बड़ा त्योहार है. पूजा के मुख्य दिन पार्टी प्रमुख राहुल गांधी हमारे साथ होंगे. हमें राहुल की यात्रा का इंतजार है. मित्रा का कहना है कि राहुल गांधी की यात्रा पश्चिम बंगाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकेगी. उनका कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष के अलावा कार्यकर्ताओं को और कौन इतना ज्यादा प्रोत्साहित कर सकता है.

निश्चित तौर पर राहुल की यात्रा से कार्यतर्ताओं को नई ऊर्जा मिलेगी. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी का सीएम ममता बनर्जी से मिलने का कोई प्लान नहीं है. राजनीति पंडित राहुल की इस यात्रा को टेंपल रन का ही हिस्सा मान रहे हैं. कांग्रेस सांसद एवं समन्वय समिति के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य का कहना है कि यात्रा कार्यक्रम का खाका तैयार किया जा रहा है. अंदरूनी कलह का सामना कर रहे बंगाल कांग्रेस के नए नेतृत्व की योजना लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने की कोशिश के तहत जिलों में पार्टी संगठन में नई जान फूंकने की है.

भट्टाचार्य ने कहा, ‘हमे पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कहा गया है. हम जानते हैं कि हमारे पास बहुत कम समय बचा है क्योंकि लोकसभा चुनाव कुछ ही महीने दूर हैं. हमे आशा है कि हम पार्टी को मजबूत कर सकेंगे और अपने बूते चुनाव लड़ सकेंगे.’ प्रदेश कांग्रेस के एक अन्य नेता के मुताबिक राहुल ने पार्टी नेताओं से राफेल सौदे के बारे में लोगों के मन में एक राय तैयार करने को कहा है. उन्होंने कहा, ‘हमसे राफेल सौदे के बारे में बंगाल में एक राय तैयार करने को कहा गया है. हम लोगों के पास व्यक्तिगत रूप से और सोशल मीडिया के जरिए जाएंगे.