नई दिल्ली. कभी मणिशंकर अय्यर तो कभी सैफुद्दीन सोज या फिर शशि थरूर…, कांग्रेस के लिए विरोधी पार्टियों से ज्यादा अपने नेता कई बार मुसीबत खड़ी कर देते हैं. याद कीजिए, मणिशंकर अय्यर का वो ‘चाय वाला’ बयान और इसके बाद 2014 के चुनाव में चली मोदी-लहर. कांग्रेस के नेता द्वारा अपनी ही पार्टी के लिए ‘खाई’ खोदने के तौर पर इसे बेहतरीन उदाहरण बताया जाता रहा है. अय्यर ने इसके बाद भी कई मौकों पर कांग्रेस के लिए मुसीबत भरी परिस्थितियां पैदा की हैं. लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए हाल में बने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में बन रही पार्टी की नई टीम, ऐसे ‘बयान-वीरों’ को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है. इसलिए आज कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल गांधी ने ऐसे नेताओं को स्पष्ट चेतावनी दी. राहुल ने कहा कि वे एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं. इस लड़ाई को पार्टी का कोई भी नेता अपने बयानों से कमजोर नहीं कर सकता. अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. Also Read - पीएम मोदी ने कोरोना संक्रमित हुए राहुल गांधी के लिए क्या कहा, जानिए

राहुल ने सबको याद दिलाई जिम्मेवारी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी की विस्तारित कार्यसमिति बैठक में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेवारी याद दिलाई तो पार्टी के बयान-वीरों को स्पष्ट लहजे में चेतावनी भी दी. हाल के दिनों में कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा भाजपा, पीएम मोदी या देश के राजनीतिक हालात पर की गई टिप्पणियों के मद्देनजर राहुल गांधी की यह चेतावनी, कांग्रेस में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. राहुल ने कार्यसमिति की बैठक में कहा, ‘मैं बड़ी लड़ाई लड़ रहा हूं. पार्टी से जुड़े हर व्यक्ति को पार्टी के फोरम पर अपनी बात कहने का हक है. कोई भी अपनी बात उठा सकता है. लेकिन पार्टी के किसी नेता ने अगर कोई गलत बयान देकर इस लड़ाई को कमजोर करने का प्रयास किया तो मैं उसके खिलाफ सख्त एक्शन लेने से हिचकूंगा नहीं.’ माना जा रहा है कि राहुल गांधी का यह बयान पार्टी के नेता शशि थरूर के बयान को लेकर दिया गया है.

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बयान-वीरों ने कैसे खड़ी की मुसीबत

कांग्रेस के कई नेता समय-समय पर विवादित बयान देकर पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी करते रहे हैं. पूर्व कांग्रेसी लेकिन वर्तमान में पार्टी से निलंबित नेता मणिशंकर अय्यर के बयानों के कारण कई बार कांग्रेस को बैकफुट पर आना पड़ा है. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अय्यर ने नरेंद्र मोदी को चाय बेचने वाला कह डाला, जिसे भाजपा ने चुनाव में जमकर भुनाया और कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा. अय्यर इसके बाद भी शांत नहीं हुए. उन्होंने गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी ‘नीच’ कह दिया, जिस पर कांग्रेस ने उन्हें तत्काल पार्टी से निलंबित कर दिया. अभी पिछले महीने ही जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज की लिखी किताब में कश्मीर की आजादी से संबंधित बयान को लेकर पार्टी को कठघरे में खड़ा होना पड़ा था. यह मामला ठंडा भी नहीं पड़ा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ‘मॉब-लिंचिंग’ के मुद्दे पर हिन्दू-तालिबान से संबंधित बयान दे दिया. इसके कारण भी कांग्रेस को फजीहत झेलनी पड़ी. यही वजह है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को आज कार्यसमिति की बैठक में ऐसे ‘बयान-वीरों’ पर नकेल कसने वाला वक्तव्य देना पड़ा.

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कार्यसमिति को बताया अतीत-वर्तमान का पुल

कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यसमिति की बैठक में भारत की आवाज के तौर पर कांग्रेस की भूमिका तथा वर्तमान एवं भविष्य की इसकी जिम्मेदारी के बारे में भी याद दिलाया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संस्थाओं, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और गरीबों पर हमले कर रही है. राहुल गांधी ने नवगठित कार्यसमिति के बारे में भी बैठक में अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि नई कार्यसमिति अनुभव और जोश का समावेश है तथा यह अतीत, वर्तमान और भविष्य के बीच सेतु का काम करेगी. गौरतलब है कि राहुल गांधी ने पिछले दिनों 51 सदस्यीय कार्य समिति का गठन किया था, जिसमें 23 सदस्य, 18 स्थाई आमंत्रित सदस्य और 10 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं. पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस की कमान संभालने वाले गांधी ने नई कार्य समिति में अनुभवी और युवा नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है.