ज़िंदगी में ‘दुआ’ लफ़्ज़ का एक गहरा मानी है. हम अक्सर अलग अलग तरीकों से दुआ मांगना चाहते हैं और मांगते हैं. कहीं आशिक़ अपने इश्क़ के मुकम्मल होने की दुआएं मांग रहा है तो कहीं कोई चाहने वाला जुदाई के बाद अपने महबूब की खैरियत की दुआएं कर रहा है. इस ‘दुआ’ लफ़्ज़ में ही इतना ऐतबार छुपा है कि हर इंसान इस रह में ख़ुद को धकेल देता है. हर तरह की ख़ुशी, परेशानी, रंज और ग़म का आखिरी दरवाज़ा दुआ ही है. आज हम आपके लिए लाए हैं वो शायरी जो दुआ की तर्जुमानी है. Also Read - Shayari in Hindi 2020: कुछ तो तन्हाई की रातों में सहारा होता... पढ़िए 'तन्हाई' पर 10 चुनिंदा शायरी 

पढ़िए दुआ पर बेहतरीन शायरी-

मैं क्या करूँ मिरे क़ातिल न चाहने पर भी
तिरे लिए मिरे दिल से दुआ निकलती है
अहमद फ़राज़ Also Read - 'तेरी मर्ज़ी के मुताबिक नज़र आएं कैसे...' एक दास्तान है वसीम बरेलवी का हर शेर, पढ़ें 20 चुनिंदा शायरी

दुआ को हात उठाते हुए लरज़ता हूँ
कभी दुआ नहीं माँगी थी माँ के होते हुए
इफ़्तिख़ार आरिफ़ Also Read - Best Urdu/Hindi Shayari on Maa by Munawwar Rana: पढ़ें मां पर मुनव्वर राणा के ये 10 Famous Shayari

माँग लूँ तुझ से तुझी को कि सभी कुछ मिल जाए
सौ सवालों से यही एक सवाल अच्छा है
अमीर मीनाई

जाते हो ख़ुदा-हाफ़िज़ हाँ इतनी गुज़ारिश है
जब याद हम आ जाएँ मिलने की दुआ करना
जलील मानिकपूरी

हज़ार बार जो माँगा करो तो क्या हासिल
दुआ वही है जो दिल से कभी निकलती है
दाग़ देहलवी

Dua Shayari in Hindi

मरज़-ए-इश्क़ जिसे हो उसे क्या याद रहे
न दवा याद रहे और न दुआ याद रहे
शेख़ इब्राहीम ज़ौक़

माँगा करेंगे अब से दुआ हिज्र-ए-यार की
आख़िर तो दुश्मनी है असर को दुआ के साथ
मोमिन ख़ाँ मोमिन

दुआ करो कि मैं उस के लिए दुआ हो जाऊँ
वो एक शख़्स जो दिल को दुआ सा लगता है
उबैदुल्लाह अलीम

बाक़ी ही क्या रहा है तुझे माँगने के बाद
बस इक दुआ में छूट गए हर दुआ से हम
आमिर उस्मानी

मैं ज़िंदगी की दुआ माँगने लगा हूँ बहुत
जो हो सके तो दुआओं को बे-असर कर दे
इफ़्तिख़ार आरिफ़

दुश्मन-ए-जाँ ही सही दोस्त समझता हूँ उसे
बद-दुआ जिस की मुझे बन के दुआ लगती है
मुर्तज़ा बरलास