नई दिल्ली. देश के उत्तर-पूर्वी राज्य सिक्किम तक पहुंचना हो तो अभी न तो रेल मिलेगी और न ही प्लेन. आपको जाना है तो बस या निजी वाहन करके जाइए. लेकिन जल्द ही सिक्किम पूरे देश से हवाई मार्ग से जुड़ने वाला है. केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ यानी ‘उड़े देश का आम नागरिक’ योजना के तहत सिक्किम में पक्किम या पक्योंग हवाई अड्डा बनकर तैयार है. स्पाइस जेट एयरलाइंस का एक विमानन प्रयोग के तौर पर यहां लैंड करने के बाद उड़ चुका है. उम्मीद है कि अगले महीने तक सिक्किम भी देश के बाकी हवाई अड्डों से जुड़ जाएगा. पड़ोसी देश चीन की सीमा से महज 60 किलोमीटर दूर बनकर तैयार हुए इस एयरपोर्ट के निर्माण का लंबे अर्से से इंतजार किया जा रहा था. अब जबकि पक्योंग एयरपोर्ट तैयार है, सिक्किमवासी भी कुछ ही घंटों में देश के बाकी इलाकों तक पहुंच सकेंगे. सिक्किम का पक्योंग एयरपोर्ट देश का 100वां एयरपोर्ट होगा. Also Read - Earthquake in Sikkim: सिक्किम में आया 5.4 तीव्रता का भूकंप, पीएम मोदी ने की चार प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात

पक्योंग एयरपोर्ट. (फोटो साभारः ऑल इंडिया रेडियो)

पक्योंग एयरपोर्ट. (फोटो साभारः ऑल इंडिया रेडियो)

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निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने कोलकाता से पक्योंग एयरपोर्ट तक विमान उड़ाने की अनुमति हासिल कर ली है. (फोटो साभारः व्वॉयस ऑफ सिक्किम)

निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने कोलकाता से पक्योंग एयरपोर्ट तक विमान उड़ाने की अनुमति हासिल कर ली है. (फोटो साभारः व्वॉयस ऑफ सिक्किम)

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जमीन से साढ़े 4 हजार फुट ऊंची जगह पर बना है एयरपोर्ट
सिक्किम का पक्योंग या पक्किम एयरपोर्ट जमीन से 4 हजार 500 फुट ऊंची जगह पर बना है. केंद्रीय नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने इस एयरपोर्ट को इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना बताते हुए इसकी तस्वीर टि्वटर पर शेयर की थी. उन्होंने बीते 4 मई को टि्वटर पर किए गए अपने पोस्ट में कहा था, ‘सिक्किम के पक्योंग एयरपोर्ट को आज शिड्यूल्ड ऑपरेशंस के लिए लाइसेंस मिल गया है. यह एयरपोर्ट जमीन से साढ़े 4 हजार फुट से ज्यादा की ऊंचाई पर इंजीनयरिंग का शानदार उदाहरण है.’ पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री ने अपने पोस्ट में सिक्किम के देश के बाकी हिस्सों से एयर कनेक्ट होने पर भी अपनी बात कही थी. उन्होंने कहा था, ‘देश के सुंदर राज्य सिक्किम को अब अन्य राज्यों से एयर कनेक्टिविटी मिल जाएगी. इससे सिक्किम में जहां पर्यटन उद्योग और फलेगा-फूलेगा, वहीं इस राज्य का आर्थिक विकास भी होगा.’

सिक्किम में अभी तक नहीं पहुंचा है रेल नेटवर्क
हिमालय की तराई में बसा देश का सुदूर उत्तर-पूर्वी राज्य सिक्किम सामरिक दृष्टि से भारत के लिए अति महत्वपूर्ण राज्यों की श्रेणी में आता है. लेकिन देश की आजादी के 70 साल बाद भी अभी तक यहां पर रेल नेटवर्क का अभाव है. अभी तक इस राज्य में ट्रेन नहीं पहुंची है. अलबत्ता भारतीय रेलवे ने सिक्किम में सिवोक से रेंगपो के बीच 44 किलोमीटर रेलवे लाइन को मंजूरी दे रखी है. लेकिन ट्रेन चलाने का सपना अभी तक पूरा नहीं हो सका है. केंद्र की मोदी सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत पक्योंग में एयरपोर्ट का निर्माण किया गया है. इस योजना के जरिए सरकार ने देश के मुख्य शहरों के अलावा छोटे-छोटे क्षेत्रों को हवाई मार्ग से जोड़ने का लक्ष्य तय कर रखा है. यह भी गौरतलब है कि अब तक सिक्किम ही देश का एकमात्र राज्य था, जहां तक हवाई जहाज से पहुंचना संभव नहीं था. लेकिन अब पक्योंग एयरपोर्ट के बन जाने से यह समस्या नहीं होगी.

पक्योंग एयरपोर्ट की कुछ प्रमुख बातें
1- भारत के पड़ोसी देश चीन की सीमा से यह एयरपोर्ट महज 60 किलोमीटर दूर है. इस लिहाज से भारतीय वायुसेना के लिए अब पक्योंग एयरपोर्ट से विमानों के संचालन में आसानी होगी. वायुसेना ने प्रयोग के तौर पर यहां से अपने डॉर्नियर 228 एयरक्राफ्ट को उड़ाकर भी देखा है.

2- निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी स्पाइसजेट एयरलाइंस ने कोलकाता से पक्योंग तक की विमान सेवा के लिए अनुमति हासिल कर ली है. स्पाइसजेट ने भी अपना एक विमान प्रयोग के तौर पर पक्योंग एयरपोर्ट से उड़ाकर देखा है. कंपनी का बॉम्बार्डियर डैश 8-Q400 विमान ने बीते दिनों यहां से उड़ान भरा था.

3- हिमालय की तलहटी में बना पक्योंग एयरपोर्ट आसमान से जितना सुंदर दिखता है, इसका निर्माण उतनी ही कठिन परिस्थितियों में किया गया है. क्योंकि जमीन से 4 हजार फुट से ज्यादा की ऊंचाई पर एयरपोर्ट बनाना आसान नहीं है.

4- सिक्किम की राजधानी गंगटोक से पक्योंग एयरपोर्ट की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है. इसके निर्माण में 350 करोड़ रुपए की लागत आई है.

5- पक्योंग से पहले सिक्किम तक हवाई जहाज से पहुंचने के लिए लोगों को पश्चिम बंगाल के बागडोगरा हवाई अड्डे पर उतरना पड़ता था. बागडोगरा हवाई अड्डा गंगटोक से करीब 150 किलोमीटर दूर है. लेकिन अब पक्योंग एयरपोर्ट बन जाने के बाद लोग सीधे सिक्किम पहुंच सकेंगे. इससे राज्य में पर्यटन उद्योग भी बढ़ेगा और ज्यादा से ज्यादा संख्या में देश और विदेश के पर्यटक सिक्किम पहुंच सकेंगे.