नई दिल्ली. भारत की पहचान और हमारे देश की शान, तिरंगा झंडा को देखते हुए आपके मन में कभी ये सवाल कौंधा है कि आखिर इस झंडे को ऐसा स्वरूप किसने दिया? हो सकता है कि आपके मन में यह सवाल आया हो, लेकिन सिर को झटककर आपने इसे मन से निकाल दिया होगा. मगर आज, इस विचार को मन से निकलने मत दीजिए. राष्ट्रध्वज को स्वरूप देने वाले के बारे में आज जानने का दिन है. क्योंकि इसे डिजाइन करने वाले स्वतंत्रता सेनानी पिंगाली वेंकैया की आज पुण्यतिथि है. आजादी से पहले अंग्रेजों की सेना में रहते हुए ब्रिटिश राज के लिए लड़ाइयां लड़ने वाले पिंगाली वेंकैया, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ मुलाकात के बाद भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में शरीक हुए. 1947 में आजादी मिलने से कई वर्षों पहले ही, 1921 में विजयवाड़ा में कांग्रेस के सम्मेलन में वेंकैया के डिजाइन किए हुए झंडे को मान्यता दी गई. वर्ष 1963 में इस महान स्वतंत्रता सेनानी की मृत्यु हो गई. आज उनकी पुण्यतिथि पर आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें.

1- पिंगाली वेंकैया को सिर्फ तिरंगा झंडा के डिजाइनर के रूप में ही नहीं जाना जाता, बल्कि उन्हें भाषाविद, जियोलॉजिस्ट और लेखक के रूप में लोग याद करते हैं.

2- पिंगाली वेंकैया ने 19 साल की उम्र में अंग्रेजी सेना ज्वाइन की थी. ब्रिटिश सेना में रहते हुए उन्होंने अफ्रीका में हुई एंग्लो-बोअर लड़ाई में भी भाग लिया था. यहीं पर उनकी मुलाकात महात्मा गांधी से हुई.

3- तिरंगा झंडा के डिजाइनर पिंगाली वेंकैया को उनके परिचित कई और नामों से भी बुलाते थे. उन्हें ‘जापान वेंकैया’, ‘पट्टी (कॉटन) वेंकैया’, ‘जनाड़ा वेंकैया’ आदि नामों से भी उनके करीबी बुलाते थे. ये नाम विभिन्न क्षेत्रों में वेंकैया द्वारा किए गए काम को लेकर उन्हें दिए गए थे.

4- पिंगाली वेंकैया द्वारा डिजाइन किए गए झंडे को सर्वप्रथम कांग्रेस के सम्मेलन में मान्यता दी गई थी. वर्ष 1921 में विजयवाड़ा में हुए कांग्रेस कमेटी की बैठक में महात्मा गांधी को वेंकैया का डिजाइन किया हुआ तिरंगा दिखाया गया. बापू की सहमति के बाद सभी नेताओं ने देश के राष्ट्रध्वज को स्वीकार कर लिया.

5- दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराते हुए देखना, पिंगाली वेंकैया का सपना था. लेकिन वे अपने जीते-जी ऐसा देख नहीं सके. 4 जुलाई 1963 को मृत्यु से पहले तक उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि पिंगाली वेंकैया को दिल्ली लाया जाता.

6- वर्ष 2009 में पिंगाली वेंकैया के सम्मान में भारत सरकार ने देश की आजादी की लड़ाई में उनके योगदान को लेकर एक डाक टिकट भी जारी किया.

ममता बनर्जी और अशोक गहलोत ने दी श्रद्धांजलि
पिंगाली वेंकैया की 55वीं पुण्यतिथि पर देशभर के नेताओं ने उन्हें याद किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने देश की आजादी की लड़ाई में पिंगाली वेंकैया के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है. ममता बनर्जी ने एक ट्वीट करते हुए कहा है, ‘राष्ट्रध्वज को डिजाइन करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी पिंगाली वेंकैया को उनकी पुण्यतिथि पर नमन.’ वहीं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने टि्वटर पर पिंगाली वेंकैया की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, ‘तिरंगा झंडा डिजाइन करने वाले स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी पिंगाली वेंकैया को श्रद्धांजलि. वे बहुत बड़े शिक्षाविद थे. राष्ट्रध्वज निर्माता के रूप में स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अमर रहेगा.’