Valentine Day Love Stories: कुछ स्याह रौशनी और कमरे की दीवार पर रक़्स करती एक परछाई, खिड़की से आती मद्धम चांदनी रात के इस पहर में कहानियां सुना रही थी. पीले सलवार में फ़ातिमा मेज़ पर बैठी हुस्न कि एक इमारत लग रही थी. आंखों में गाढ़ी काजल, लंबे बाल, होठों पर सुर्ख लाली से सनी लग रही थी फ़ातिमा. अक्सर वो आधी रात के बाद ख़ुद से बातें किया करती थी. पेशानी पर ज़िम्मेदारी की एक भी रेखाएं नहीं थी. फ़ातिमा का शौहर कमाने के सिलसिले से पिछले 7 साल से ईरान में है. केसर का कारोबार है. ऐशो आराम की सभी चीज़े फ़ातिमा के घर में मौजूद है. फ़ातिमा को कभी पैसे की कमी महसूस नहीं हुई. पूरे मकान में मियां बीवी की तस्वीर महज़ फ्रेम की आंखों से सब कुछ देख रही है. Also Read - Valentine’s Day 2020: दीपिका कक्कड़-शोएब इब्राहिम ने अपने रिश्ते पर खुलकर की बातें, देखें कपल का रोमांटिक इंटरव्यू

सुबह होते ही फ़ातिमा का दिनचर्या रोज़ की तरह उफ़ान पर होता है.फ़ातिमा पेशे से एक मल्टी नेशनल कंपनी में एच आर की भूमिका निभाती है. दिन भर में कई मीटिंग, क्लाइंट्स और इवेंट्स से होकर गुज़रती है इनकी ट्रेन. फ़ातिमा की ज़िंदगी में हर रोज़ हज़ारों चेहरे आते है और जाते है. उसे अजनबियों से मोहब्बत हो चुकी थी. जब अपनी मशगूल ज़िंदगानी से फ़ातिमा शाम को घर पहुंचती तो उसके चेहरे पर संतुष्टि की भावना साफ़ तौर से दिखाई देती. उसे अपनी चार दिवारी से इश्क़ हो गया था. उसे घर में अकेले रहना पसंद आ रहा था. इसी सिलसिले में धीरे धीरे फातिमा ने सबको अपने घर से दूर कर दिया. Also Read - Weird Love: पढ़ते-पढ़ते प्रोफेसर से हुआ प्यार, 48 साल के टीचर से 21 साल की छात्रा ने की शादी

प्रतीकात्मक तस्वीर

उसे ये लगने लगा था के उसने ख़ुद के दम पर बहुत कुछ हासिल कर लिया है. लेकिन सच कहें तो फ़ातिमा अपनी कमाई से बस ख़ुद की ख्वाहिशों को पूरी कर रही थी. और उसकी ज़रूरत फिरोज़ पूरा कर रहा था. फिरोज़, फा़तिमा का शौहर था. फ़ातिमा ने फिरोज़ को अपने दिल ओ ज़हन से जुदा कर दिया था. उसे अब शौहर की कमी महसूस नहीं हो रही थी. धीरे धीरे वक़्त बीत ता गया और फा़तिमा की ज़िंदगी अपनों और अजनबियों से खा़ली हो चुकी थी. फिरोज़ के कॉल को रिसीव नहीं करना उसकी आदत में शुमार हो गया था. अचानक एक रात जब फ़ातिमा ख़ुद को आइने में देखती है तो उसे अपने हुस्न की आज़माइश नहीं दिखती, उसे अपनी पेशानी पर वो रौनक नहीं दिखती है. उसे यह एहसास होता है के आज उसके पास ना हुस्न है और ना लोग. Also Read - Valentine Day 2020: Valentine Day Romantic Shayari in Hindi, Love Shayari, Best Love quotes, वैलेंटाइन डे पर रोमंटिक शायरी

दिल्ली की गुनगुनी सर्द में लिपटी 13 फरवरी की रात जब अगली सुबह पूरी दुनिया वैलेंटाइन डे के रंग में रंगने को बेताब हो रही थी तब अचानक से फ़ातिमा को अपने शौहर यानी फ़िरोज़ की याद आती है और वो वहीं मेज़ पर बैठे उसे फ़ोन लगाती है. ‘तूने मेरा जानां.. कभी नहीं जाना, इश्क़ मेरा दर्द मेरा’ इस कॉलर ट्यून ने फ़ातिमा की धड़कनें तेज़ कर दी थी. कई कोशिशों के बाद फोन रिसीव होती है मगर फ़िरोज़ के आवाज़ के बिना. पता चलता है कि उस तरफ उस्मान बात कर रहा है जो फ़िरोज़ का क्लर्क है और वो यही बताने के लिए फोन कर रहा थे के अब फिरोज़ को गुज़रे एक साल होने को है. सारे पैसे वो क्लर्क ही फातिमा को भेजता है. यह सब जान, फातिमा के आंखों के सामने अंधेरा छा गया. उसके ठंडे बदन ने मोहब्बत के ख़ूबसूरत हफ़्ते को महसूस करने के लिए मानो मना कर दिया हो.

प्रतीकात्मक तस्वीर

फातिमा घंटों ख़ुद से सवाल पूछती रही और जवाब भी. उसकी कांपती हाथों ने यह बता दिया के आज उसे अजनबियों या पैसों की नहीं फिरोज़ की ज़रूरत महसूस हो रही है. “वो साथ थे तो एक लफ्ज़ न निकला लबों से, दूर क्या हुए….. ” इस शेर को लिखते लिखते फ़ातिमा बेजान पड़ चुकी थी और उसका ये अधूरा पैग़ाम इश्क़ करने वालों के लिए हिदायत बन चूका था.