Who is Himanta Biswa Sarma: पूर्वोत्तर के चाणक्य कहे जाते हैं हेमंत बिस्व सरमा, कभी कांग्रेस सरकार में थे मंत्री, आज बनेंगे असम के CM

राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. लेकिन साल 2014 में भाजपा से जुड़ने वाले हेमंत बिस्वा सरमा को आखिर सर्बानंद सोनोवाल को रिप्लेस कर मुख्यमंत्री क्यों बनाया जा रहा है.

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Who is Himanta Biswa Sarma: असम के अगले मुख्यमंत्री के रूप में आज हेमंत बिस्वा सरमा शपथ लेंगे. बीते दिनों भाजपा संगठन की बैठक के बाद उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया है. राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. लेकिन साल 2014 में भाजपा से जुड़ने वाले हेमंत बिस्वा सरमा को आखिर सर्बानंद सोनोवाल को रिप्लेस कर मुख्यमंत्री क्यों बनाया जा रहा है. यह जानना बेहद अहम है. हेमंत बिस्वा सरमा को केवल असम ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत की राजनीति का चाणक्य कहा जाता है. हेमंत बिस्वा सरमा दरअसल खुद के आदिवासी समुदाय से आते हैं और यह यह समुदाय असम की कुछ गिनी चुनी अहम समुदायों में से एक है. ऐसे में पूरे पूर्वोत्तर भारत में हेमंत सरमा की मजबूत पकड़ है.

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शुरुआती दिन

हेमंत बिस्वा सरमा का जन्म 1 फरवरी 1969 को उलूबारी में हुआ था. साल 1990 में ग्रैजुएशन, 1992 में पोस्ट ग्रैजुएशन की पढ़ाई उन्होंने गुवाहाटी से ही की. इसके बाद उन्होंने वकालत की पढ़ाई की जिसके बाद उन्होंने 1996-2001 तक गुवाहाटी की हाईकोर्ट में बतौर वकील काम किया.

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राजनीतिक करियर की शुरुआत

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हेमंत बिस्वा सरमा ने साल 2001 में अपने राजनीतिक करियर की पहली बार शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी. साल 2001 में पहली बार वे जालुकबरी से कांग्रेस के टिकट पर चनाव लड़े और जीत भी दर्ज की. इसके बाद इसी वे कांग्रेस के टिकट पर इसी सीट से लागातर तीन बार विधायक बनें. इसके बाद गोगोई सरकार में उन्होंने वित्त, कृषि, प्लानिंग एव डेवलपमेंट, हेल्थ व परिवार कल्याण मंत्रालय का पद संभाल चुके हैं.

साल 2015 में बने भाजपाई

बता दें कि साल 2011 में रंजन गोगोई को जीत दिलाने में हेमंत बिस्वा सरमा की अहम भूमिका थी. हालांकि इस सरकार में उन्हें ज्यादा तवज्जों नहीं दी गई जिसके बाद मनमुटाव की खबरें सामने आने लगी और सरमा राहुल गांधी से मिलने के प्रयास में जुट गए. लेकिन इस बीच राहुल गांधी सरमा से नहीं मिले. इसे बाद पार्टी में अपने कद में आई कमी को देख हेमंत बिस्वा सरमा ने पार्टी से किनारा कर लिया और भाजपा का दामन थाम लिया.

कांग्रेस को छोड़ने के बाद हेमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी को कई बार मिलने को लेकर फोन किया लेकिन राहुल गांधी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. लेकिन अमित शाह को एक बार फोन करने पर ही वे मिलने को राजी हो गए. इसके बाद ही हेमंत बिस्वा सरमा ने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया और भाजपा में शामिल हो गए. बता दें कि साल 2015 में भाजपा में शामिल होने के बाद अब हेमंत सरमा ने पार्टी की जीत में लगातार भूमिका निभाई है.

उनके भाजपा में शामिल होने का फायदा भाजपा को मिला है. इसके बाद उन्होंने सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में असम में साल 2016 में सरकार बनाई और कांग्रेस पार्टी असम की राजनीति से हट गई. इसके बाद साल 2021 में भाजपा को असम में जीत मिली. इसेक बाद बीते कल भाजपा की बैठक में हेमंत बिस्वा सरमा को विधायक दल का नेता चुना गया है. इस बार भी भाजपा को जीत दिलाने में हेमंत बिस्वा सरमा ने अहम भूमिका निभाई है.

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Published Date:May 10, 2021 9:18 AM IST

Updated Date:May 10, 2021 9:23 AM IST

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