नई दिल्ली. इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज टीम इंडिया की अगली बड़ी चुनौती है. और, इस चुनौती से उबारेगा टीम इंडिया का 12वीं फेल, जिसे विराट कोहली अपना ट्रंप कार्ड भी मान रहे हैं. भारतीय खेमें के इस 12वीं फेल खिलाड़ी पर इंग्लैंड में जीत की बुनियाद रखने का दारोमदार होगा. अब जब भार इतना बड़ा है तो जाहिर है कि य़े खिलाड़ी कोई मामूली तो होगा नहीं. ये हैं विरोधी गेंदबाजों पर पहला वार करने वाले टीम इंडिया के ओपनर मुरली विजय.

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12वीें में फेल हो गए थे विजय

क्रिकेट की क्रीज पर तो विजय सुपरहिट हैं लेकिन पढ़ाई की पिच पर इनका औसत उतना ही खराब रहा है. विजय 12वीं के बोर्ड एक्जाम में फेल हो गए थे. बोर्ड में फेल होने के बाद उन्होंने घर छोड़ दिया. माता पिता को जब इसे लेकर चिंता हुई तो मुरली विजय ने उन्हें आश्वस्त किया कि घबराइए नहीं मैं सुसाइड नहीं करूंगा. मैं अपने मुताबिक रहकर खुद को पहचानना चाहता हूं.

संघर्ष के बाद मिली सफलता

बस फिर क्या था यहीं से मुरली विजय के एक बड़ा क्रिकेटर बनने का संघर्ष शुरू हो गया. कभी दोस्तों के घर, तो कभी क्रिकेट ग्राउंड में सोकर उन्होंने कई रातें काटी. घर छोड़ दिया था इसलिए जीवनयापन के लिए पार्ट टाइम नौकरी की. लेकिन फोकस क्रिकेट पर पूरा रहा, जिस वजह से आज वो एक सफल क्रिकेटर और टीम इंडिया के ट्रंप कार्ड बनने में कामयाब रहे.

दमदार और भरोसेमंद ओपनर

मुरली विजय आज टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद ओपनर हैं. मुरली विजय ने 57 टेस्ट में 40.59 की औसत से 3907 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शतक शामिल हैं. विजय का ये दूसरा इंग्लैंड दौरा है. इससे पहले साल 2014 में उन्होंने 5 टेस्ट में 402 रन बनाए थे, जिसमें 1 शतक और 2 अर्धशतक शामिल थे. जबकि इसी दौरे पर विराट कोहली जैसा बल्लेबाज फ्लॉप रहा था. मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर भी मुरली विजय के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी है, जिस पर खरे उतरने के लिए उन्हें एक बार फिर से पिछले प्रदर्शन को दोहराना होगा.