नई दिल्ली. कहते हैं पुत का पांव पालने में ही दिखने लगते हैं. और, अगर उसे सही तरीके से, सलीके के साथ एक कुशल मेंटर की निगरानी में तराशा जा रहा हो तो कहना ही क्या. भारतीय क्रिकेट के ऐसे ही एक पुत का नाम है प्रियांशु मोलिया. प्रियांशु की उम्र अभी कच्ची लेकिन इनकी क्रिकेट की काबिलियत बहुत अच्छी है और इसकी वजह हैं उनके मेंटर मोहिंदर अमरनाथ. Also Read - कपिल पा जी के बर्थडे पर जानिए.. किसकी वर्ल्ड कप जीत थी बड़ी, धोनी या उनकी?

14 की उम्र में बनाए 556 रन Also Read - Happy birthday Yuvraj Singh: 39 साल के हुए भारतीय टीम के विश्व कप हीरो, फैंस ने दी बधाई

प्रियांशु मोलिया ने वर्ल्ड क्रिकेट का ध्यान अपनी ओर तब खींचा जब उन्होंने बड़ौदा में खेले अंडर 14 डीके गायकवाड़ क्रिकेट टूर्नामेंट में 556 रन जड़ दिए. बड़ौदा क्रिकेट एकेडमी के ग्राउंड पर योगी क्रिकेट एकेडमी के खिलाफ खेलते हुए 14 साल के प्रियांशु ने 319 गेंदों पर 556 रन बनाए, जिसमें 98 चौके और 1 छक्का शामिल रहा. Also Read - BCCI का कहना- टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं थे रोहित-इशांत; ऑस्ट्रेलिया दौरे से बाहर होने की संभावना

भारतीय क्रिकेट का ‘कल’- मोहिंदर अमरनाथ

भारत के शानदार बल्लेबाजों में से एक रहे मोहिंदर अमरनाथ प्रियांशु मोलिया के मेंटर हैं. प्रियांशु उन्हीं के अंदर में क्रिकेट का ककहरा सीखते हैं. मोहिंदर अमरनाथ के मुताबिक प्रियांशु का फ्यूचर ब्राइट है. एक क्रिकेट मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “बेहतरीन क्रिकेट सीखने की ललक लिए प्रियांशु ने राजकोट से बड़ौदा का रुख किया. मुझे खुशी है मैं उसे ट्रेन कर रहा हूं क्योंकि मुझे पता है कि उसमें कुछ अलग बात है. अपनी उम्र के हिसाब से प्रियांशु काफी फोकस और अनुशासित खिलाड़ी है. वो क्रिकेट की बारिकियों को अच्छे से पकड़ता है. वो चीजों को जल्दी समझता और सीखता है और ये उसकी ताकत है. वो एक बड़ा कॉम्पिटिटर है.”

सीनियर्स के साथ अभ्यास करता है प्रियांशु

बल्ले से बेजोड़ होने के साथ साथ ऑफ स्पिन डालने में भी प्रियांशु को महारत है, जो कि उसे गिफ्टेड प्लेयर बनाता है. मोहिंदर अमरनाथ ने कहा, ” मैं उसे सीनियर लड़कों के साथ खेलने को कहता हूं ताकि वो उनके साथ प्रैक्टिस से और निखरे. मैं उसे शायद ही कभी अंडर 14 लड़कों के साथ ट्रेन करता हूं. मैं उसके लिए हमेशा कुछ स्पेशल प्लान करता हूं. अपनी उम्र के अनुसार प्रियांशु पुल और कट शॉट बड़े आराम से खेलता है. यकीनन, वो एक अदभुत क्रिकेटर हैं.”

बेटे की तरक्की से पिता भी गदगद

मोहिंदर के अनुसार, “प्रियांशु प्योर क्रिकेटर होने के साथ साथ पढ़ाई में भी अच्छा है. मैं इस कोशिश में लगा हूं कि वो मुंबई के लिए लगातार क्रिकेट खेले.” मोहिंदर अमरनाथ की देखरेख में अपने बेटे की तरक्की देख प्रियांशु के पिता सुरेश भी गदगद हैं. सुरेश ने बताया, “राजकोट में मेरा कंस्ट्रक्शन का छोटा सा रोजगार है. जब प्रियांशु 8 साल का था तब मैंने उसे बैटिंग के वीडियो को पूर्व टेस्ट क्रिकेटर कर्षण घावरी और यजुवींद्र सिंह को दिखाया. उन्होंने मुझे उसे मुंबई लाने को कहा पर ये मेरे लिए संभव नहीं था. लेकिन, कोच अनिल ठकराल की सलाह पर मैं उसे बड़ौदा ले आया.”

पिता का फैसला और सपने की उड़ान

प्रियांशु के पिता ने कहा, ” हम मोहिंदर सर के आभारी है, जिन्होंने उसका खास ख्याल रखा और क्रिकेट की जरुरत की सारी चीजें मुहैया कराई. जब मैं बड़ौदा आया प्रियांशु 11 साल का था और मुझे नहीं लगता ये फैसला गलत था. ये प्रियांशु के लिए थोड़ा मुश्किल था लेकिन ये उसे मेंटली स्ट्रॉंग भी बनाएगा.”

राइजिंग स्टार है प्रियांशु- अमरनाथ

प्रियांशु की प्रतिभा पर आखिर में मोहिंदर ने कहा कि, ” मैं इस लड़के को भारतीय क्रिकेट के भविष्य का सितारा मानता हूं और मुझे लगता है कि इसे हमारे सपोर्ट की जरुरत है.”