भारत के लियोन मेंडोंका (Leon Mendonca) सिर्फ 14 साल की उम्र में देश के 67वें ग्रैंडमास्टर बन गए हैं. उन्होंने इटली में तीसरा और आखिरी नॉर्म हासिल करते हुए यह उपलब्धि अपने नाम की. मेंडोंका भारत के गोवा राज्य से आते हैं, उनकी उम्र अभी 14 साल, 9 महीने औक 17 दिन है. इस तटीय राज्य से ग्रैंडमास्टर बनने वाले वह दूसरे खिलाड़ी हैं.

इस किशोर खिलाड़ी ने अपना पहला ग्रैंडमास्टर नॉर्म अक्टूबर में रिजो शतरंज जीएम राउंड रॉबिन में हासिल किया था. वहीं नवंबर में बुडापेस्ट में दूसरा और अब इटली में वेरजानी कप में तीसरा नॉर्म पाया. सिर्फ 14 साल की उम्र में इस किशोर उम्र के खिलाड़ी ने शतरंज के बड़े-बड़े सूरमाओं को प्रभावित किया है. इटली में टूर्नामेंट में वह उक्रेन के विताली बर्नाडस्की के बाद दूसरे स्थान पर रहे.

मेंडोंका और उनके पिता लियोन कोरोना महामारी के बाद लॉकडाउन के कारण मार्च में यूरोप में ही फंस गए थे. उन्होंने इस दौरान कई टूर्नामेंटों में भाग लिया और ग्रैंडमास्टर बनने के करीब पहुंचे. मेंडोंका ने मार्च से दिसंबर तक 16 टूर्नामेंट खेले और उनकी ईएलओ रेटिंग 2452 से बढ़कर 2544 हो गई. इस जीत के बाद मेंडोंका ने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं. इसके लिए काफी मेहनत की है. मैं अपने माता-पिता, कोच विशु प्रसन्ना और प्रायोजकों को धन्यवाद देता हूं.’

कोरोना वायरस के कारण जब दुनिया भर में लॉकडाउन लग गया तो उन्होंने इसे एक अवसर के तौर पर लिया और ग्रैंडमास्टर बनने का लक्ष्य लेकर कई बड़े टूर्नामेंट में भाग लिया. मार्च से लेकर दिसंबर तक लियोन मेंडोंका ने 16 टूर्नामेंट खेलकर अपनी ELO रेटिंग 2452 प्वाइंट्स से बढ़ाकर 2544 तक पहुंचाई.

इस किशोर खिलाड़ी ने पिछले साल ही अपने इस लक्ष्य का ऐलान कर दिया था. उन्होंने साल 2019 में गोवा में खेले गए एक टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाने के बाद अपनी योजनाओं पर बात करते हुए कहा था कि वह जितना जल्दी हो उतना जल्दी ग्रैंडमास्टर बनना चाहते हैं.