नई दिल्ली. भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेला तीसरा और आखिरी T20 जीत लिया है. भारत को जीत के लिए 165 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे उसने 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया. सिडनी में भारत की जीत के साथ ही T20 सीरीज 1-1 की बराबरी पर खत्म हुई. तीसरे T20 में भारत की जीत की 2 बड़ी वजह हैं, जिनमें एक ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एरॉन फिंच का आत्मघाती फैसला भी शामिल है. Also Read - 'चेज मास्टर' विराट कोहली का मुरीद हुआ ये ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज, बताई वजह

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फिंच का ‘आत्मघाती’ फैसला Also Read - पिता बनने वाले हैं हार्दिक पांड्या, बधाई देने में कप्तान विराट कोहली से आगे निकले रवि शास्त्री

दरअसल, सिडनी T20 भारत की जीत तभी पक्की हो गई थी जब ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एरॉन फिंच ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी. कंगारू कप्तान का ये फैसला न तो टीम इंडिया के ट्रैक रिकॉर्ड और न ही T20 में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड के मिजाज से मेल खाता था. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर पिछले 11 T20 में 9 बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम जीती थी. वहीं टीम इंडिया ने भी पिछले 13 T20 मुकाबलों में से 10 में जीत टारगेट को चेज करते हुए ही हासिल की थी. बावजूद इसके ऑस्ट्रेलिया कप्तान ने पहले बल्लेबाजी का आत्मघाती फैसला लिया और उन्हें हार का सामना करना पड़ा.

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टीम इंडिया का ‘अजेय’ रिकॉर्ड

अब जरा ऑस्ट्रेलिया की हार की दूसरी बड़ी वजह को समझिए. दरअसल , अब तक किसी भी बाइलेटरल T20 सीरीज का तीसरा मैच टीम इंडिया नहीं हारी है. सिडनी T20 भी भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच T20 सीरीज का तीसरा मैच ही है. साल 2016 से लेकर अब तक भारत ने बाइलेटरल T20 सीरीज के 10 मुकाबले खेले हैं और सभी जीते हैं. इसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी T20 भी शामिल है.