साल 2009 में लाहौर में श्रीलंका क्रिकेट टीम की बस हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान (Pakistan) में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के प्रसार को तगड़ा झटका लगा था। लेकिन अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को राहत मिली है, जब उस हमले में घायल हुई श्रीलंकाई दिग्गज कुमार संगाकारा (Kumar Sangakkara) खुद पाकिस्तान में एक हफ्ते के दौरे के लिए पाकिस्तान पहुंचे हैं। Also Read - इन युवा खिलाड़ियों को भारत का भविष्य मान रहे हैं Kumar Sangakkara, जानें क्यों

याद दिला दें कि लाहौर आतंकी हमले में संगाकारा के कंधे पर चोट आए थी, वहीं एक गोली उनके सिर के करीब से निकल गई थी जब वो बाकी खिलाड़ियों के साथ गोलियों से बचने के लिए बस की फर्श पर लेटे थे। Also Read - ICC Test Team Rankings: टेस्ट रैंकिंग में टॉप पर भारत, इन 3 टीमों को भारी नुकसान

एमसीसी के अध्यक्ष संगाकारा बतौर कप्तान 12 सदस्यीय स्क्वाड के साथ चार टी20 मैचों के लिए पाकिस्तान आए हैं। संगाकारा का कहना है कि क्रिकेट पर हर किसी का हक है और पाकिस्तान के युवा खिलाड़ियों को भी घरेलू मैदानों पर क्रिकेट खेलने का मौका मिलना चाहिए। Also Read - PSL की कमाई से Umar Akmal का जुर्माना भरेंगे भाई Kamran Akmal!

लाहौर में हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संगाकारा ने कहा, “क्रिकेट सभी के लिए है लेकिन इसके लिए खिलाड़ियों के पास अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का एक मंच और जरूरी समर्थन होना चाहिए। आपके पास युवा खिलाड़ियों का एक समूह होना चाहिए जो कि इस खेल का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित हो। इसलिए अगर लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट नहीं होगा तो इस भूख के खत्म होने का डर है। आप घर पर जितना ज्यादा क्रिकेट खेलेंगे, उतना ही ज्यादा समय युवा और पाकिस्तानी फैंस अपनी टीम को करीब से खेलते देख पाएंगे।”

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पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज का मानना है कि आप शब्दों या बड़े-बड़े भाषणों से ये संदेश हर किसी तक नहीं पहुंचा सकते, इसके लिए सबसे असरदार रास्ता है- पाकिस्तान में क्रिकेट खेलना। उन्होंने कहा, “सीधे शब्दों में कुछ कहने के बजाय, मैदान पर खेलकर आप ये संदेश सबसे अच्छे तरीके से भेज सकते हैं। जितनी ज्यादा अंतरराष्ट्रीय टीमें यहां का दौरा करेंगी, ये संदेश उतना ही मजबूत होता चला जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “मेरा मानना है कि ये इस खेल के लिए अच्छा है, ये इस देश के लिए अच्छा है और ये वैश्विक खेल के लिए भी अच्छा है। हमें ये बात नहीं भूलनी चाहिए कि वैश्विक क्रिकेट में पाकिस्तान की स्थिति बेहद मजबूत और अहम है। एमसीसी का दौरा इस तस्वीर को पूरा करने का हिस्सा है और मुझे लगता है कि टीमों को वापस पाकिस्तान आने के लिए प्रेरित करने के लिए ये सभी की तरफ से बड़ा कदम है।”