नई दिल्ली. कहने को तो चीन सुपरपावर है लेकिन सवाल जब क्रिकेट का हो तो उसे नेपाल भी बौना बना देता है. 2020 वर्ल्ड टी20 क्वालिफायर मुकाबले में नेपाल ने चीन का ऐसा ही हश्र किया है. नेपाल ने चीन को पहले 26 रन पर समेट दिया और फिर 1.5 ओवर यानी कि 11 गेंदों पर मुकाबला अपने नाम कर लिया. ये चीन की 5 मुकाबलों में लगातार 5वीं हार है और शायद सबसे कड़वी भी.

क्रिकेट में ‘कच्चा’ है चीन

दुनिया के नक्शे पर चीन सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है. ओलंपिक से लेकर एशियन गेम्स तक में इसकी धाक जमती है. लेकिन, क्रिकेट को लेकर उसकी समझ अब भी कच्ची है. चीन ने बांग्लादेश के पूर्व कप्तान अमिनुल इस्लाम को बतौर कोच भी नियुक्त किया है. लेकिन, फिर भी चीन क्रिकेट में अपनी पहली जीत से दूर है.

26 रन पर धड़ाम हुआ चीन

नेपाल के खिलाफ T20 क्वालिफायर मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी चीन की टीम ने 13 ओवर में अपने सभी विकेट गंवाकर सिर्फ 26 रन बनाए. चीन की बल्लेबाजी की खास बात ये रही कि उसके 10 में 9 बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को नहीं लांघ पाए, जबकि 7 के लिए तो खाता खोलना भी दुभर हो गया. नेपाल की ओर से संदीप लिच्छामणे, राजबंशी और रेग्मी ने 3-3 विकेट लिए.

11 गेंदों में चीन हुआ चित्त

सुपर पावर चीन की आसान चुनौती का जवाब नेपाल ने उतने ही सुपर फास्ट अंदाज में दिया और सिर्फ 1.5 ओवर यानी 11 गेंदों के खेल में ही चीन की बत्ती गुल करते हुए जीत से नाता जोड़ लिया.

वनडे में भी दर्ज हार का शर्मनाक रिकॉर्ड

वैसे ये तो T20 की बात है, वनडे में भी चीन की हार का रिकॉर्ड उतना ही घटिया है. अप्रैल 2017 में वर्ल्ड लीग क्वालिफायर में साउदी अरब के खिलाफ खेले वनडे मैच में चीन को 390 रन की बड़ी हार से दो-चार होना पड़ा था, जब लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी चीनी टीम 28 रन पर धड़ाम हो गई थी.