नई दिल्ली. भारतीय पेस अटैक का जिक्र करते ही मौजूदा टीम से भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह का नाम सबसे पहले जुबां पर आता है. लेकिन, अब खलील अहमद के तौर पर विराट कोहली को एक और ब्रम्हास्त्र मिल चुका है. खलील को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखे अभी महीने भर बीते हैं. एशिया कप में हांगकांग के खिलाफ खेले मैच से भारतीय क्रिकेट में उन्होंने कदम रखा. लेकिन, इन चंद दिनों में ही वो टीम इंडिया के ट्रंप कार्ड बन गए. वजह रहा उनका दमदार परफॉर्मेन्स, जिसने न सिर्फ कप्तान कोहली का दिल जीता बल्कि पूरे इंडिया का दीवाना बना दिया. खलील के सुपर, सॉलिड और पावरपैक परफॉर्मेन्स को देखकर कुछ क्रिकेट पंडितों ने उन्हें भारतीय पेस अटैक का ‘X- Factor’ तक करार दे दिया है. Also Read - विराट कोहली के मुरीद इयान बॉथम बोले-ऑलराउंडर्स पेड़ पर नहीं उगते

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आईए अब जरा उन वजहों पर गौर फरमाते हैं जिसने रातों रात खलील को ‘X- Factor’ बनाने में अहम भूमिका निभाई है. Also Read - इंग्लिश ऑलराउंडर ने MS Dhoni के जज्बे पर उठाए सवाल, वर्ल्ड कप में हार का ठीकरा इन 3 भारतीयों के सिर फोड़ा

लेफ्ट आर्मर

खलील अहमद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं. टीम इंडिया में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की लंबे अंतराल से दरकार थी. भारतीय टीम की ये खोज खलील अहमद पर आकर खत्म हो गई. क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो मुंबई वनडे में खलील की धारदार गेंदबाजी देखने के बाद विराट उनकी तारीफ में कसीदे नहीं पढ़ते.

मुंबई वनडे में 5 ओवर की गेंदबाजी में 13 रन देकर 3 विकेट चटकाने वाले खलील के परफॉर्मेन्स से गदगद कप्तान कोहली ने कहा, ” वो एक शानदार टैलेंट है. अगर पिच से उसे थोड़ी भी मदद मिली तो वो उसका फायदा उठाने में कसर नहीं छोड़ता. वो सही एरिया में गेंदबाजी करता है, न ज्यादा फुललेंथ न शॉर्ट लेंथ. उसे गेंद से कमाल करते देखकर अच्छा लगा.”

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इनस्विंग और आउटस्विंग में माहिर

खलील बाएं हाथ के तो गेंदबाज हैं ही साथ ही वो गेंद को दोनों ओर स्विंग कराने में माहिर हैं. वो जितने अच्छे से इनस्विंग कराते हैं उतनी ही कलाबाजी के साथ गेंद को आउटस्विंग भी कराते हैं. इसका एक बड़ा फायदा ये है कि गेंद नई हो या पुरानी खलील दोनों के साथ आराम से गेंदबाजी कर सकते हैं.

खलील ने रोहित शर्मा की कप्तानी में वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था. गेंद को दोनों ओर से स्विंग कराने के खलील के हुनर पर रोहित शर्मा का कहना है , ” वो एक उभरते सितारे हैं. उनके पास स्विंग के साथ पेस भी है. बाएं हाथ का गेंदबाज होना हमेशा प्लस प्वाइंट रहता है. और, जिस तरह से खलील गेंद को स्विंग कराते हैं वो दुनिया के किसी भी बल्लेबाज को मुसीबत में डालने का माद्दा रखते हैं.”

फीयरलेस अप्रोच

एक गेंदबाज के लिए उसका दिलेर होना भी जरुरी होता है. अगर वो विकेट के बारे में सोच रहा है तो उसे रन लुटाने से भी डरना नहीं चाहिए. और, खलील में ये क्वालिटी भी खूब है.

खलील का कहना है कि उसने सिर्फ और सिर्फ ज़हीर खान से गेंदबाजी के गुर सीखे हैं. खलील के मुताबिक, ” जब वो IPL में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेलते थे तो जहीर खान भी उनके साथ थे. उस वक्त उनसे काफी कुछ सीखा. उन्होंने मुझे बताया कि भारत की अलग-अलग पिचों पर गेंदबाजी कैसे करनी है, किस बल्लेबाज को किस लाइन में गेंद डालनी है. उन्होंने मेरी गेंदबाजी की तकनीकी खामियों को दूर किया जिसकी वजह से मेरा घरेलू सीजन शानदार बीता और उसी का नतीजा है कि आज मैं टीम इंडिया में हूं.”

गेंदबाजी में खलील का फीयरलेस अप्रोच देखकर ज़हीर भी खुश हैं. उन्होंने कहा कि, ” वो टीम इंडिया की गेंदबाजी का ऐसा नगीना है जो फिलहाल तप रहा है और चमकने को बेताब है.”