नई दिल्ली: अफगानिस्तान पहली बार टेस्ट में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है. अपने पहले ही टेस्ट मुकाबले में उसका सामना भारतीय टीम से होगा. 14 से 18 जून के बीच भारत और अपगानिस्तान के बीच पहला टेस्ट बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा. बीसीसीआई ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह अफगानिस्तान के पदार्पण टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा.

अफगानिस्तान ने पिछले साल जून में आयरलैंड के साथ टेस्ट दर्जा हासिल किया था. इन दोनों के क्रिकेट बोर्ड इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के पूर्णकालिक सदस्य भी बने.

2011 में पूर्ण ओडीआई का दर्जा मिलने के साथ ही अफगानिस्तान के प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है. फिलहाल आईसीसी रैंकिंग में भी अफगानिस्तान की टीम टॉप 10 टीमों में शामिल है. टी-20 में अफगानिस्तान की टीम 9वें नंबर पर हैं जबकि वनडे में 11वें स्थान पर बनी हुई है.

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बता दें भारत के साथ अफगानिस्तान के अपना पहला टेस्ट मैच खेलने से पाकिस्तान बौखला गया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के पूर्व अध्यक्ष शहरयार खान ने पाक पेसन डॉट नेट से कहा,“ अफगानिस्तान को अपना पहला टेस्ट पाकिस्तान के साथ खेलना चाहिए था लेकिन अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने राजनीतिक कारणों से यह फैसला लिया. अफगानिस्तान अगर हमारे साथ पहला टेस्ट खेलता तो यह ऐतिहासिक मुकाबला होता लेकिन राजनीतिक कारणों से ऐसा नहीं हो सका.”

कुछ समय पहले काबुल में हुए एक आतंकवादी हमले के बाद अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबधों को रद्द कर दिया था. एसीबी अब पाकिस्तान में स्कूली बच्चों की टीम भी नहीं भेजता है. दोनों देशों के बीच होम एंड अवे के आधार पर सीरीज भी होनी थी लेकिन अब वह भी अधर में है.

शहरयार ने कहा,“ क्रिकेट इतिहास के अपने नये अध्याय के लिए हम अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को बधाई देते हैं. लेकिन यह सुनकर बहुत दुख: हुआ कि अफगानिस्तान अपना पहला टेस्ट मैच पाकिस्तान के साथ नहीं खेलेंगे.