नई दिल्ली. हिंदी का वो मुहावरा तो आपने सुना ही होगा, आया ऊंट पहाड़ के नीचे. ये मुहावरा इस वक्त ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम पर बिल्कुल फिट बैठ रहा है. दरअसल, कंगारुओं की ये आदत रही है कि वो मैदान पर गलती करना और उसे स्वीकारने के बजाए तन जाना. लेकिन, केपटाउन में जो बॉल टेम्परिंग कांड हुआ उसके बाद तो ऑस्ट्रेलिया ना अड़ सकता था और ना ही इससे भाग सकता था. क्योंकि, उसके गेंद से किए छेड़छाड़ की एक-एक तस्वीर यहां कैमरे में कैद हो चुकी थी और हर किसी ने देख भी ली थी. कमाल कि बात ये है कि केपटाउन में दिखा क्रिकेट का काला सच सिर्फ एक कंगारू क्रिकेटर कैमरून बैनक्रॉफ्ट की हरकत नहीं थी बल्कि इसमें कप्तान समेत पूरी टीम की मिली भगत थी. यही वजह है कि जब कंगारुओं की गंदी हरकत की तस्वीरें सामने आई तो ऑस्ट्रेलियाई टीम पर सिर मुंडाते ही ओले पड़ने लगे और उनके पास माफीनामें के सिवाए दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा.

बॉल टेम्परिंग पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का बयान

ये पूरा मामला था क्या, इसे अंजाम कैसे दिया गया और इस घटना पर ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान स्टीवन स्मिथ और कैमरून बेनक्रॉफ्ट ने अपने माफीनामें में क्या कहा वो बताएंगे आपको लेकिन उससे पहले आपका ये बता देते हैं कि इस पूरे मामले को लेकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO जेम्स सदरलैंड का क्या कहना है.

 

जेम्स सदरलैंड ने इसे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के लिए काला दिन बताते हुए कहा है कि, ” केपटाउन में जो हुआ वो काफी निराशाजनक है. ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट फैंस को अपनी टीम पर नाज था लेकिन इस हरकत के बाद उन्होंने कोई ऐसी वजह नहीं छोड़ी जिससे उनपर गर्व किया जा सके. हमें क्रिकेट को उसके दायरे में रहकर खेलना चाहिए . केपटाउन में गेंद से छेड़छाड़ की हरकत से खेल भावना को ठेस पहुंची है, जिससे ना सिर्फ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की नाक कटी है बल्कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट फैंस को भी गहरा सदमा लगा है. ”

स्मिथ की कप्तानी पर लकटी ‘तलवार’

केपटाउन बॉल टेम्परिंग कांड को तूल पकड़ता देखकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इसे गंभीरता से लिया है. बात यहां तक आ चुकी है कि कंगारू कप्तान स्टीवन स्मिथ को कप्तानी से हटाए जाने तक की मांग हो रही है. ऐसा इसलिए भी क्योंकि कप्तान स्मिथ ने अपने माफीनामें में गेंद से छेड़छाड़ की हरकत को सिर्फ कैमरुन बेनक्रॉफ्ट ही नहीं बल्कि खुद के साथ-साथ पूरी टीम की मिली भगत का नतीजा बताया है.

स्मिथ का माफीनामा

 

बॉल टेम्परिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट कप्तान स्मिथ ने कहा, ” ये पूरी टीम का आइडिया था, जो कि बेहद गलत था. हम इसके लिए शर्मिंदा हैं. इसमें हमारे कोच शामिल नहीं थे, ये सिर्फ खिलाड़ियों का आइडिया था. जो हुआ उसके लिए मुझे बेहद पछतावा है. ये क्रिकेट की स्प्रिट के खिलाफ है. इससे मेरी, मेरे लीडरशिप और पूरी टीम की भावनाओं पर सवाल उठे हैं. मैं ये वादा करता हूं कि अब ऐसा नहीं होगा. ”

सजा के लिए तैयार बेनक्रॉफ्ट

बॉल टेम्परिंग मामले के मुख्य अभियुक्त कैमरून बेनक्रॉफ्ट ने भी कहा कि “हमने मैच अधिकारियों से बात की है, मुझ पर गेंद से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया है. मैं अपने बर्ताब के लिए दोषी हूं. मुझे इसके परिणाम भुगतने होंगे.”

गलती मानी, कप्तानी से मत हटाओ

 

कप्तान स्मिथ ने इस माफीनामें के जरिए खुद के कप्तानी से नहीं हटाए जाने की भी बात उठाई है. उनका कहना है कि, ” अब जब मैनें एक लीडर के तौर पर इस बात को स्वीकार कर लिया है तो मुझे हटाया नहीं जाना चाहिए. मैं समझता हूं कि मैं अब भी ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी के लिए सबसे बेहतर विकल्प हूं क्योंकि मैं 2015 में माइकल क्लार्क के बाद से ही इस जिम्मेदारी को निभा रहा हूं. ”

जांच के बाद होगा कप्तानी पर फैसला

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के CEO जेम्स सदरलैंड ने फिलहाल के लिए ये साफ कर दिया है कि स्टीव स्मिथ ही ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रहेंगे.

 

सदरलैंड ने कहा कि, ” हम जब तक अपनी जांच पूरी नहीं कर लेते हम किसी खिलाड़ी पर कोई फैसला नहीं लेंगे. उम्मीद है अगले दो दिनों में हम इस पूरे मामले की तह तक पहुंचेंगे.” बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के दो ऑफिशिएल इयान रॉय और पैट हावर्ड इस पूरे मामले की जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट जेम्स सदरलैंड को देंगे.

केपटाउन का ‘बॉल टेम्परिंग’ कांड 

 

अब जरा ये जान लीजिए कि केपटाउन का बॉल टेम्परिंग कांड था क्या. दरअसल हुआ ये था कि अफ्रीकी पारी के 43वें ओवर के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ी बेनक्रॉफ्ट ने गेंद से छेड़छाड़ कर दी. बेनक्रॉफ्ट की ये हरकत कैमरे में कैद हो गई, जिसमें वो एक पीली चिप से गेंद से छेड़-छाड़ करते देखे गए. यही नहीं अंपायर ने जब बुलाकर उनसे पूछा कि क्या था हाथ में तो उन्होंने अपने चश्मे को क्लीन करने वाला कपड़ा दिखा दिया. हालांकि, बेनक्रॉप्ट की लाख कोशिशों के बावजूद उनकी ये हरकत छिपी नहीं और केपटाउन में लगे कई कैमरों में से एक में कैद हो गई. बाद में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में माना कि वो टेप से गेंद की शक्ल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे.

ICC का नियम 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नियमों के मुताबिक, गेंद से छेड़छाड़ लेवल-2 का अपराध है जिसमें खिलाड़ी पर 100 फीसदी मैच फीस का जुर्माना लगता है और साथ ही चार नकारात्मक अंक तक खिलाड़ी के हिस्से आ सकते हैं जो एक टेस्ट मैच के प्रतिबंध के लिए काफी हैं.