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नई दिल्ली: पकिस्तान के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर आमिर हनीफ के बेटे ने ‘अंडर-19 टीम में चयन न होने’ के कारण आत्महत्या कर ली. हनीफ के सबसे बड़े बेटे मोहम्मद जारयाब ने सोमवार को आत्महत्या की, वह कॉलेज में पहले वर्ष के छात्र थे. Also Read - कोरोना वायरस से हो रहे नुकसान का सदमा नहीं झेल पाए जर्मनी के मंत्री, कर ली आत्महत्या

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जियो न्यूज ने हनीफ के हवाले से बताया कि उम्र के आधार पर उनके बेटे का अंडर-19 टीम में चयन नहीं हुआ, जिसके कारण वह उदास था. रिपोर्ट के अनुसार, जारयाब जनवरी में लाहौर में एक अंडर-19 टूर्नामेंट के दौरान कराची की ओर से खेला और ‘चोटिल होने के कारण उसे वापस घर भेज दिया गया.’ वह जाना नहीं चाहता था लेकिन उसे भरोसा दिया गया कि टीम में उसका चयन हो जाएगा. हालांकि, बाद में ‘उम्र ज्यादा होने’ के आधार पर उसे टीम में नहीं चुना गया.

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हनीफ ने कहा, “मेरे बेटे को देश में अंडर-19 क्रिकेट मामले की देख-रेख करने वाले लोगों और कोच ने आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया.” उन्होंने कहा, “मेरे बेटे पर दवाब बनाया गया. कोच के बर्ताव ने उसे आत्महत्या करने पर मजबूर किया. अन्य लगों के बेटों को इस प्रकार के वातावरण से बचाया जाना चाहिए.”

बता दें कि आमिर हनीफ 1993 से 1995 तक पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ी रहे हैं. इससे पहले वो लिस्ट ए और फर्स्ट क्लास मैचों में खेल चुके हैं. हनीफ ने पाकिस्तान के लिए खेलते हुए नवम्बर 1993 में पहला वनडे मैच श्रीलंका के खिलाफ खेला था. इसके बाद उन्होंने सिर्फ 5 वनडे मैचों में खेले. इस दौरान उन्होंने 89 रन बनाने के साथ ही 4 विकेट हासिल किए.

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हनीफ ने फर्स्ट क्लास के 161 मैचों में 8120 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 15 शतक और 37 अर्धशतक जड़े. उन्होंने लिस्ट ए के 159 मैच खेले, जिनमें 4206 रन बनाए. उन्होंने बल्लेबाजी के साथ ही गेंदबाजी में भी कमाल दिखाया है. हनीफ ने फर्स्ट क्लास मैचों में 177 विकेट झटके हैं.