जयपुर: राजस्‍थान रॉयल्‍स के खिलाफ मुकाबले से थोड़ी देर पहले किंग्‍स इलेवन पंजाब के गेंदबाज एंड्रयू टाई को उनकी दादी की मौत का पता चला. इसके बावजूद उन्‍होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए रॉयल्‍स के चार गेंदबाजों को आउट किया और पर्पल कैप भी अपने नाम कर लिया.

कहते हैं सर्वश्रेष्‍ठ की पहचान सबसे मुश्किल परिस्थितियों में ही होती है. मंगलवार को एंड्रयू टाई की टीम राजस्‍थान रॉयल्‍स का महत्‍वपूर्ण मुकाबला किंग्‍स इलेवन पंजाब से था. मैच शुरू होने से थोड़ी देर पहले टाई को खबर मिली कि उनकी दादी अब इस दुनिया में नहीं रहीं. इसके बावजूद वे मैच खेलने के लिए मैदान पर उतरे. पारी के चौथे ओवर में जब वे पहली बार गेंदबाजी के लिए आए तो जोस बटलर अपनी रौ में आ चुके थे. पहले तीन ओवर में वे चार चौके और एक छक्‍का लगा चुके थे. टाई ने अपने पहले ओवर में केवल तीन रन दिए और अजिंक्‍य रहाणे का विकेट भी मिला.

लेकिन टाई का असली रंग उनके चौथे और राजस्‍थान की पारी के अंतिम ओवर में देखने को मिला. इसके पहले 19 ओवर में राजस्‍थान की टीम 152 रन बना चुकी थी और उसके पांच विकेट बाकी थे. उम्‍मीद थी कि किंग्‍स इलेवन पंजाब के लिए लक्ष्‍य 165 रन के करीब होगा, लेकिन टाई ने इसे 160 के अंदर ही समेट दिया.

उन्‍होंने पहली गेंद पर धाकड़ ऑलराउंडर बेन स्‍टोक्‍स को आउट किया. स्‍टोक्‍स नकल बॉल पर बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में अश्विन को एक्‍स्‍ट्रा कवर में कैच थमा बैठे. तीसरी गेंद पर यही कोशिश जोफ्रा आर्चर ने की, लेकिन उनका प्रयास भी लॉन्‍ग ऑफ के फील्‍डर तक ही पहुंच पाया. ओवर की अंतिम गेंद फिर एक नकल बॉल थी और इस बार आउट होने की बारी जयदेव उनादकट की थी. उनादकट ने बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की और लॉन्‍ग ऑन पर कैच किए गए. आर्चर की तरह उनादकट भी अपना खाता तक नहीं खोल पाए.

पारी खत्‍म होने के बाद खुद टाई ने बताया कि उनके लिए मंगलवार का दिन बेहद मुश्किल था. दादी की मौत की खबर से वे इमोशनल हो गए थे. इन मुश्किल परिस्थितियों में वे मैदान पर उतरे क्‍योंकि टूर्नामेंट में बने रहने के लिए उनकी टीम को यह मैच जीतना जरूरी था. अपने व्‍यक्तिगत दुख को दरकिनार कर राजस्‍थान रॉयल्‍स की बल्‍लेबाजी को तहस-नहस कर डाला. चार विकेट लेकर वे टूर्नामेंट में सबसे ज्‍यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए और पर्पल कैप अपने नाम कर लिया. 10 मैच में अब तक वे 16 विकेट ले चुके हैं.