भारत के पूर्व क्रिकेटर और छत्तीसगढ़ के कप्तान मोहम्मद कैफ सोमवार को विजय हजारे ट्रॉफी के एक मैच में अंपायर उमेश दूबे के एक फैसले के विरोध में नाराज होकर अपनी टीम के साथ मैदान से बाहर चले गए। हालांकि बाद में मैच रेफरी नितिन गोयल के हस्तक्षेप के बाद कैफ मैदान में वापस लौटे। लेकिन कैफ को ऐसा करने के लिए चेतावनी दी गई और उनके मैच फीस काटी गई।

सोमवार को कोलकाता में साल्टलेक स्थित जादवपुर यूनिवर्सिटी सेकेंड कैंपस में विजय हजारे ट्रॉफी के मैच में कर्नाटक और छत्तीसगढ़ का मुकाबला था। छत्तीसगढ़ से मिले 200 रन के लक्ष्य के जवाब में जब कर्नाटक का स्कोर 2.2 ओवर में 3/0 था, तो छत्तीसगढ़ के गेंदबाज ओमकार वर्मा की गेंद पर कर्नाटक के बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के खिलाफ विकेट के पीछ कैच आउट की जोरदार अपील की गई।

हालांकि ऐसा लगा कि गेंद विकेटकीपर मनोज सिंह के हाथों में पहुंचने से पहले मैदान से टकरा गई थी लेकिन फिर भी स्लिप में खड़े कप्तान कैफ और विकेट कीपर मनोज सिंह ने अंपायर वीरेंद्र सिंह से कैच आउट की जोरदार अपील की। वीरेंद्र ने स्क्वॉयर लेग अंपायर उमेश दूबे से चर्चा के बाद इस अपील और टेलीविजन रेफरल की अपील ठुकरा दी।

अंपायर के इस फैसले से नाराज कैफ अपनी टीम को लेकर मैदान के बाहर चले गए। बाद में मैच रेफरी नितिन के हस्तक्षेप के बाद कैफ दोबारा लौटे और मैच फिर से शुरू हुआ। बाद में मयंक अग्रवाल ने अपनी टीम के लिए 66 रन की पारी खेलते हुए कर्नाटक को छत्तीसगढ़ पर जीत दिला दी।