कोरोनावायरस (Coronavirus) के चलते नई परिस्थितियों में क्रिकेट शुरू करने के लिए गेंद पर थूक के इस्‍तेमाल पर रोक लगा दी गई है. ऐसे में गेंद और बल्‍ले के बीच मैदान पर संतुलन बिगड़ने की बात कही जा रही है. भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर और मौजूदा समय में आईसीसी की सलाहकार समिति के चेयरमैन अनिल कुंबले (Anil Kumble) का मानना है कि संतुलन बैठाने के लिए पिचों में बदलाव किया जा सकता है. Also Read - कोरोना: मुंबई में दो महीने बाद थोड़ी राहत, एक दिन में सबसे कम 806 नए मामले सामने आए

अनिल कुंबले (Anil Kumble) ने कहा कि उन्होंने इसे मंजूरी देने का फैसला नहीं किया, क्योंकि यह लंबे समय से उपयोग में नहीं लिया जा रहा है. कुंबले ने फिक्की द्वारा आयोजित किए गए वेबीनार में कहा, “हमारी मंशा क्रिकेट शुरू करने की है. हम इसे सामान्य नहीं कह सकते, लेकिन यह नया चलन है, जिसका हम सभी को आदी होना है.” Also Read - Corona Virus: मध्य प्रदेश के इस इलाके पर टूटा कोरोना का कहर, अनिश्चितकाल के लिए लगा लॉकडाउन

“खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्वास्थ हमारी प्राथमिकता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए और मेडिकल संबंधी सलाह को मानते हुए हमें लगता है कि सलाइवा संक्रमण का कारण हो सकता है.” Also Read - दिल्ली में कोरोना के 2,008 नए मामले सामने आए, कुल संक्रमित संख्या 1,02,831 हुई; 3,165 की मौत

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान ने कहा, “इसलिए हमने सलाइवा को बैन करने का फैसला किया, हालांकि यह क्रिकेट का स्वाभाव है और इसलिए खिलाड़ी इसे मुश्किल मान रहे हैं. ट्रेनिंग में उन्हें धीरे-धीरे शुरुआत करनी होगी. ऐसा नहीं है कि खिलाड़ियों को आना है और खेलना है, यह दो-ढाई महीने के बाद आकर खेलने की बात है.”

पूर्व लेग स्पिनर ने कहा, “खासकर जब आप गेंदबाज होते हैं तो आपको शुरू करने से पहले आपके पास कुछ ओवर होने चाहिए. इसलिए यह जरूरी है कि आप धीरे-धीरे जितना हो सके, सामान्य स्थिति में आ सकें.”

कुंबले (Anil Kumble) ने कहा, “क्रिकेट को अन्य खेलों की तुलना में फायदा यह है कि आप पिच में बदलाव कर सकते हो जो बाकी के खेलों में नहीं होता है. क्रिकेट समिति में हमारा यह मानना था कि इतने सालों से हमें क्या उपयोग में लेना चाहिए क्या नहीं इसे लेकर हम काफी सख्त थे. लेकिन वापस जाकर इन चीजों में छूट दे देना, हमें लगता है कि ऐसा नहीं करना चाहिए.”

उन्होंने कहा, “क्रिकेट में आप पिच को इस तरह से बना सकते हैं कि आप गेंद और बल्ले के बीच का संतुलन बनाए रख सकते हैं. विचार क्रिकेट को दोबारा शुरू करने का है. चुनौतियां होंगी और आपको एक बारे में एक मैच पर ध्यान देना होगा.”