नॉटिंघम: आस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कप्तान माइकल क्लार्क एशेज-2015 के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। क्लार्क ने ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के बाद खुद इसकी पुष्टि की। चौथे टेस्ट में इंग्लैंड के हाथों आस्ट्रेलिया को मिली एक पारी और 78 रनों की हार के बाद क्लार्क ने ओवल में होने वाले पांचवें टेस्ट मैच के बाद कप्तान और एक खिलाड़ी के तौर पर अपनी पारी को विराम लगाने को लेकर हामी भर दी। यह भी पढ़े:ट्रेंट ब्रिज टेस्ट : इंग्लैंड ने आस्ट्रेलिया को पारी के अंतर से हराया

इसका मतलब यह होगा कि बांग्लादेश के साथ होने वाली सीरीज में स्टीवन स्मिथ आस्ट्रेलियाई टीम के पूर्वकालिक कप्तान होंगे। क्लार्क ने मैच के बाद कहा, “ओवल टेस्ट मेरे करियर का अंतिम टेस्ट मैच होगा। मेरे करियर में अब एक और टेस्ट बचा है और उसके बाद मैं संन्यास ले लूंगा। आप कभी भी इस खेल को अलविदा नहीं कहना चाहेंगे लेकिन मेरा हालिया प्रदर्शन खुद मुझे ही स्वीकार्य नहीं रहा है।

मैंने हालात को अपने हक में करने की पूरी कोशिश की लेकिन मैं नाकाम रहा। अब नए कप्तान के सामने नई एशेज सीरीज में टीम को जीत दिलाने की चुनौती होगी।” क्लार्क ने ट्रेंट ब्रिज टेस्ट से पहले कुछ और समय तक खेलते रहने की इच्छा जाहिर की थी लेकिन ट्रेंट ब्रिज में जारी चौथे टेस्ट में टीम के खराब प्रदर्शन के कारण वह अपना मन बदलने पर मजबूर हुए।

तीन साल तक रिकी पोंटिंग के नायब रहने के बाद क्लार्क ने अप्रैल 2011 में कप्तानी सम्भाली थी। अगस्त में वह हालांकि श्रीलंका के खिलाफ पूरी सीरीज के लिए कप्तान चुने गए थे। क्लार्क ने आस्ट्रेलिया के लिए अब तक कुल 113 टेस्ट मैचों में 49.73 के औसत से कुल 8628 रन बनाए हैं। उन्होंने 28 शतक और 27 अर्धशतक लगाए हैं। 329 नाबाद उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत योग रहा है।