खेलों की दुनिया में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें शुरुआती स्तर पर बहुत संघर्ष करना पड़ा लेकिन बाद में उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर खूब नाम कमाया. भारत में भी इस तरह के खिलाड़ियों की भरमार है. हाल में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने भी अपने घरेलू क्रिकेट के साथी आकाश चोपड़ा के शो ‘आकाशवाणी’ में बीते दिनों को याद कर एक दिलचस्प किस्सा सुनाया. नेहरा ने बताया कि किस तरह उन्हें डेब्यू टेस्ट के दौरान जूते को लेकर परेशानी हुई थी.Also Read - Tokyo Olympics: Men's Hockey Team की जीत, खिलाड़ियों के घरों में जश्‍न, सामने आए ये वीड‍ियो

सिर्फ एक जोड़ी जूता था Also Read - India vs England 1st Test- अपने हुनर पर भरोसा रखता हूं: Mohammed Shami

बाएं हाथ के पूर्व तेज गेंदबाज नेहरा ने बताया कि वर्ष 1999 में जब वह अपना डेब्यू टेस्ट खेलने श्रीलंका दौरे पर गए तो उनके पास एक जोड़ी ही जूता था. जो जूता उन्होंने रणजी ट्रॉफी मैचों में पहना था उसी को वह श्रीलंका ले गए. क्योंकि इसके अलावा उनके पास कोई और विकल्प नहीं था. बकौल नेहरा, ‘मेरे पास सिर्फ एक जोड़ी ही जूता था जो मैंने रणजी ट्रॉफी में पहने थे और उन्हें ही मैं 1999 में अपने पहले टेस्ट मैच के लिए ले गया था. मुझे याद है कि मैंने हर पारी के बाद जूतों को सिला था.’ Also Read - 'Virat आईसीसी ट्रॉफी जीत पाएंगे या नहीं हम नहीं बता सकते; नोवाक जोकोविच भी तो...'

दोनों दिल्ली की ओर से खेले

नेहरा और पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने घरेलू क्रिकेट दिल्ली की ओर से खेले. दोनों का क्लब भी एक ही था. दोनों ने इस बातचीत के दौरान बीते दिनों को याद किया. दोनों ने दिल्ली के रेस कोर्स ग्राउंड पर क्लब टीम के लिए खेले गए मैच पर भी चर्चा की. आकाश ने कहा, ‘आपको पता है कि हमें हवा के साथ और हवा के खिलाफ गेंदबाजी करना पड़ रहा था? कोच ने मुझसे कहा था कि मैंने आपको उस छोर से गेंदबाजी क्यों नहीं कराई फिर मैंने कहा कि आप चाहते थे कि आप उस छोर से गेंदबाजी करें.’

पूरे करियर में चोट से जूझते रहे नेहरा

41 वर्षीय नेहरा अपने 18 साल के क्रिकेट करियर में चोट से जूझते रहे. उन्होंने भारत की ओर से 17 टेस्ट, 120 वनडे और 27 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले. उन्होंने टेस्ट में 44 जबकि वनडे में 157 और टी-20 में 34 विकेट अपने नाम किए.