भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने बताया कि पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर को ‘पाजी’ का निकनेस कैसे मिला। टीम इंडिया के सभी जूनियर खिलाड़ी आज भी तेंदुलकर को प्यार से सचिन पाजी बुलाते हैं। Also Read - IPL 2020: ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने कहा-MS Dhoni की CSK को खलेगी सुरेश रैना की कमी

नेहरा के बताया कि साल 2003 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेली 98 रनों की यादगार पारी के बाद से ही खिलाड़ी सचिन को ‘पाजी’ कहकर बुलाने लगे। Also Read - IPL 2020 : मुंबई इंडियंस खिलाड़ियों के साथ UAE में दिखे अर्जुन तेंदुलकर, फैंस में खुशी की लहर

नेहरा ने स्टार स्पोर्ट्स के एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “इससे पहले हम उसे सचिन या सचिन भाई कहकर बुलाते थे। पहली बार ‘पाजी’ शब्द का इस्तेमाल 2003 के विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद हुआ था।” Also Read - IPL 2020: स्टार स्पोर्ट्स ने इंग्लिश और हिंदी कमेंटेटर्स के नाम का किया ऐलान, संजय मांजरेकर बाहर

पूर्व गेंदबाज ने ये भी बताया कि पहली बार इस शब्द का इस्तेमाल किसने किया था। उन्होंने कहा, “होटल जाते समय, बस में हरभजन सिंह ने ‘पाजी नंबर-1’ गाना शुरू कर दिया। इसलिए फिर सभी ने सचिन तेंदुलकर को पाजी कहना शुरू कर दिया। उनसे पहले केवल एक ही पाजी थे, कपिल पाजी।”

यूं तो साल 2003 विश्व कप के साथ भारतीय फैंस की कई अच्छी और बुरी यादें जुड़ी हैं लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ सेंचुरियन में खेली 98 रन की वो पारी हर प्रशसंक के जेहन में ताजा है।

उस पारी की मदद से ना केवल भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से करारी मात दी थी, बल्कि तेंदुलकर ने अपने 12,000 वनडे रन पूरे किए थे। हालांकि वो शतक पूरा करने से चूक गए थे लेकिन सचिन ने दुनिया भर के क्रिकेट फैंस को भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले रोमांचक मुकाबले की एक शानदार झलक दिखाई थी।