नई दिल्ली : वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर एश्ले नर्स ने कहा है कि भारत दौरे की शुरुआत से पहले उनकी टीम को खारिज कर दिया गया था लेकिन टीम ने मौजूदा एकदिवसीय श्रृंखला में ठोस प्रदर्शन से अपने आलोचकों को गलत साबित किया. शनिवार को तीसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में अपनी टीम की 43 रन की जीत के दौरान एश्ले ने बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका निभाई. Also Read - जानिए, क्यों बढ़ रहे हैं प्याज के भाव, कौन है इसके पीछे?

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एश्ले की 22 गेंद में 40 रन की पारी की बदौलत टीम नौ विकेट पर 283 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रही और इसके बाद उनके दो विकेट की बदौलत टीम ने सफलतापूर्वक इस स्कोर का बचाव किया. एश्ले ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘यह लड़कों का शानदार प्रदर्शन रहा. जब हम यहां आए थे तो किसी ने हमें दावेदार नहीं माना था लेकिन मुझे लगता है कि यहां लोगों को हमने दिखाया कि हम यहां खेलने आए हैं.’’ Also Read - पुणे के कोविड-19 सेंटर में महिला डॉक्टर के साथ दो सहकर्मियों ने की छेड़छाड़

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उन्होंने कहा, ‘‘यह देखकर अच्छा लगा कि लड़के लगातार अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं और भारत को कड़ी चुनौती दे रहे हैं.’’

एश्ले ने कहा कि पुणे का विकेट काफी अच्छा था. उन्होंने कहा, ‘‘यह अच्छा विकेट था लेकिन थोड़ा धीमा था. मुझे नहीं लगता कि विकेट में कोई समस्या थी. हमारी टीम की ओर से शाई ने 95 रन की अच्छी पारी खेली और विराट ने भारत के लिए शतक बनाया. यह पूरी तरह से सपाट नहीं थी. आपको अपने रनों के लिए मेहनत करनी थी लेकिन यह काफी अच्छा विकेट था.’’

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एश्ले ने साथ ही कहा कि वह आलोचकों की परवाह नहीं करते. उन्होंने कहा, ‘‘आप रोजाना काम पर जा सकते हो लेकिन यह जरूरी नहीं कि आपको रोज सफलता मिले. इसलिए मैं सिर्फ गेंद को सही क्षेत्र में डालने की कोशिश करता हूं जिससे कि अधिक से अधिक मौके बना सकूं. मैं सिर्फ अपना काम करने की कोशिश करता हूं और आलोचकों के बारे में नहीं सोचता.’’