नई दिल्ली. फिल्म मुन्नाभाई MBBS का वो गाना तो आपने सुना ही होगा… M बोले तो मास्टर में मास्टर… मैं सीधे को टेढ़ा बना दूं… हंसते को फट से रूला दूं. गाने की ये लाइनें इस वक्त बांग्लादेश और पाकिस्तान मुकाबले के नतीजे पर बिल्कुल सटीक बैठ रही है. बांग्लादेश के ‘M’ बोले तो उसे फाइनल खेलने का लाइसेंस मिल गया और खुद को फाइनल का दावेदार मानने वाला, भारत को फाइनल में हराने का ख्वाब बुनने वाला पाकिस्तान, हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया.

बांग्लादेश के ‘M’ बोले तो

पाकिस्तान की हार तो समझ में आती है, पर ये बांग्लादेश के ‘M’ का चक्कर क्या है अब जरा वो समझिए. बांग्लादेश के ‘M’ से मतलब दरअसल उसके उन तीन खिलाड़ियों से है जिनमें नाम का अक्षर ‘M’ से शुरू होता है और जिन्होंने पाकिस्तान को एशिया कप 2018 की रेस से बाहर करने में सबसे ज्यादा अहम भूमिका निभाई है. हमारा मतलब यहां मुस्तफिकुर रहीम, मोहम्मद मिथुन और मुस्तफिजुर रहमान से है. मुस्तफिकुर रहीम और मोहम्मद मिथुन ने जहां बल्ले से पाकिस्तान के खिलाफ जीत की बेस तैयार की वहीं बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर ने गेंद से पाकिस्तान का गुरूर तोड़ दिया.

मुस्तफिकुर और मिथुन ने बल्ले से तोड़ा

मुस्तफिकुर रहीम ने पाकिस्तान के खिलाफ करो या मरो के मैच में 116 गेंदों का सामना करते हुए 99 रन बनाए, जिसमें 9 चौके शामिल रहे. वो एशिया कप 2018 में अपने दूसरे शतक से बेशक एक रन से चूक गए लेकिन पाकिस्तान की हार की स्क्रिप्ट लिखने से नहीं चूके. मुस्तफिकुर की तरह मिथुन ने भी बल्ले से जोरदार खेल दिखाया और 84 गेंदों का सामना करते हुए 4 चौकों की मदद से 60 रन बनाए. मुस्तफिकुर और मिथुन के बीच चौथे विकेट के लिए 144 रन की बड़ी साझेदारी हुई जिसके बूते बांग्लादेश की टीम पाकिस्तान को 240 रन का लक्ष्य देने में कामयाब रही.

मुस्तफिजुर ने गेंद से गदर मचाया

मुस्तफिकुर और मिथुन के बाद अब बारी थी बांग्लादेश की गेंदबाजी ब्रिगेड को लीड करने वाले मुस्तफिजुर की, जिनके नाम एशिया कप 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ इस महत्वपूर्ण मैच से पहले सिर्फ 4 विकेट थे. लेकिन, जब सवाल अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाने का आया तो उन्होंने सिर्फ पाकिस्तान के खिलाफ ही 4 विकेट चटका दिए. मुस्तफिजुर ने 10 ओवर की गेंदबाजी में 43 रन देकर 4 विकेट लिए और पाकिस्तान को लक्ष्य से 37 रन पहले समेटने में अहम किरदार निभाया.