नई दिल्ली. कहते हैं इंतजार का फल मीठा होता है. एशिया कप में रवींद्र जडेजा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. किस्मत के सहारे पहले तो 480 दिन के लंबे इंतजार के बाद वनडे क्रिकेट में उनकी वापसी हुई और फिर रंगीन लिबास पहनकर अपनी मेहनत से वो परिणाम हासिल किया, जिसके बाद इतना तय है कि आने वाले दिनों में अब उनके टीम में बने रहने की मांग हमेशा उठती रहेगी.

480 दिन के लंबे अंतराल पर जडेजा जब मैदान पर उतरे तो उनका पहला निशाना बांग्लादेश बना. बांग्लादेश के खिलाफ जडेजा ने 10 ओवर में 2.9 की इकॉनोमी से 29 रन देकर 4 विकेट लिए और मैन ऑफ द मैच बने. ये एशिया कप में जडेजा के अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है. इस धांसू प्रदर्शन के बाद जडेजा ने सुपर 4 की भिड़ंत से पहले पाकिस्तान को भी डराने का काम किया है. Also Read - Coronavirus से बचाव के लिए विराट, रोहित और रहाणे ने फैन्‍स के लिए जारी किया स्‍पेशल मैसेज, कहा...

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पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप स्टेज की बाजी एशिया कप 2018 में टीम इंडिया अपने नाम कर चुकी है. उस मुकाबले के वक्त जडेजा प्लेइंग इलेवन तो दूर भारतीय टीम का ही हिस्सा नहीं थे. लेकिन उसके बाद एशिया कप से पहले हार्दिक पांड्या और फिर अक्षर पटेल शार्दुल ठाकुर की इंजरी ने उन्हें टीम में जगह दिलाई. बांग्लादेश के खिलाफ जडेजा को ऑलराउंडर के तौर पर पांड्या की जगह खेलने का मौका मिला, जिसे जडेजा ने दोनों हाथों से लपका. इस मौके को लपकने के साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने वाली प्लेइंग इलेवन में भी अपनी दावेदारी पक्की कर ली है. Also Read - 'रवींद्र जडेजा भारत के सर्वश्रेष्‍ठ स्पिनर, अश्विन नहीं कर पाए गेंदबाजी में सुधार'

पाकिस्तान को भी करो पस्त

पाकिस्तान के खिलाफ जडेजा ने 8 वनडे में 10 विकेट चटकाए हैं. उनका बेस्ट प्रदर्शन गेंद से 41 रन देकर 3 विकेट लेने का रहा है जबकि बल्ले से नाबाद 52 रन की इकलौती अर्धशतकीय पारी रही है. 27 वनडे मुकाबले और 480 दिन के लंबे फासले के बाद भारतीय टीम जडेजा की वापसी हुई है. दुबई की पाटा विकेट पर वो बांग्लादेश के खिलाफ वो अपनी वापसी का ट्रेलर दिखा चुके हैं अब अगर पाकिस्तान को पस्त कर दें तो जडेजा के कमबैक की फिल्म भी जोरदार नजर आएगी.