नई दिल्ली. वो कहते हैं न कि उड़ान भरने के लिए पंखों की नहीं हौसले की जरुरत होती है. ऐसा ही हौसला दिखाया बांग्लादेश के दिलेर बल्लेबाज तमीम इकबाल ने. एशिया कप के पहले मैच के शुरुआती ओवरों में ही ओपनर तमीम इकबाल तेज गेंदबाज सुरंगा लकमल की गेंद पर चोटिल हो गए. गेंद उनकी कलाई में लगी थी. चोट की वजह से वो कराह रहे थे इसलिए फौरन ही रिटायर्ड हर्ट हो गए. Also Read - PSL 2020: मुल्तान सुल्तांस को बड़ा झटका, कोरोना संक्रमित पाया गया ये ऑलराउंडर, प्लेऑफ से हुआ बाहर

Also Read - कोहली एंड कंपनी की फिटनेस की दीवानी है पड़ोसी टीम, दिग्गज खिलाड़ी ने किया स्वीकार

pjimage (1) Also Read - BAN vs ZIM, 1st T20I: सौम्‍स सरकार, लिटन दास के शानदार प्रदर्शन से बांग्‍लादेश ने जीता पहला मुकाबला

इसके बाद उनकी कलाई का स्कैन किया गया तो पता चला कि उनके हाथ की हड्डी टूट गई है. इस जबरदस्त चोट के बाद तमीम ड्रेसिंग रूम में प्लास्टर बांधे नजर आए.

Asia Cup 2018: बांग्लादेश ने दर्ज की सबसे बड़ी जीत, सुपर-4 में एंट्री तय समझिए

एक हाथ से की बल्लेबाजी, दिखाई दिलेरी

लेकिन जब देश को उनकी जरुरत पड़ी तो वो चोट और उससे हो रहे दर्द की परवाह किए बगैर बल्ला लिए मैदान पर उतर गए. और, एक हाथ से ही बल्लेबाजी कर श्रीलंकाई गेंदबाजों से लोहा लेने लगे.

हुआ ये कि बांग्लादेश की पारी का 9वां विकेट 229 रन पर गिर चुका था. तमिम को चोट थी तो लगा कि बांग्लादेश की पारी यहीं थम जाएगी. लेकिन, जिद्दी और दिलेर दिल रखने वाले तमीम को भला ये कहां मंजूर था. वो प्लास्टर उतार बल्ला लिए मैदान में उतर पड़े. इस नजारे को देख पूरा स्टेडियम भावुक हो उठा. हर कोई तमीम की हिम्मत और हौसले की दाद दे रहा था.

तमीम ने न सिर्फ एक हाथ से बल्लेबाजी की बल्कि जो भी गेंदें खेलीं उनको बड़ी सूझबूझ के साथ डिफेंड करते हुए अपना विकेट बचाए रखा.तमीम की इस दिलेरी के दो फायदे हुए पहला तो ये कि टीम का स्कोर जो एक समय 229 रन के स्कोर पर सिमटता दिख रहा था वो 261 रन तक पहुंचा और दूसरा ये कि दर्ज से तमीम की दोस्ती ने उनकी टीम को मुकाबले में जीत से दोस्ती करा दी.