नई दिल्ली. उसके निशाने पर देश झूम रहा था. उसके हर एक शॉट से मेडल पक्का हो रहा था. इंडोनेशिया के शूटिंग रेंज में उसके आखिरी ट्रिगर दबाते ही हिंदुस्तान की हुई चांदी से तिरंगा इतराते हुए हवा में लहराने लगा. हम बात कर रहे हैं पुरुषों के 50 मीटर एयर राइफल 3 पोजिशन में सिल्वर मेडल पर निशाना साधने वाले भारतीय निशानेबाज संजीव राजपूत की. एक वक्त था जब राजपूत की जिंदगी में सबकुछ अच्छा चल रहा था. लेकिन फिर दिसंबर 2016 की घटना ने अचानक से सबकुछ बदल कर रख दिया.

बलात्कार के आरोप से हिली जिंदगी

दिसंबर, 2016 में एक महिला निशानेबाज ने राजपूत के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया. राजपूत ने इस आरोप से इनकार किया, लेकिन वो अपनी नौकरी को छिनने से नहीं बचा सके. राजपूत पिछले 12 महीनों से बेरोजगार हैं , जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है. लेकिन पर्सनल लाइफ में हुए इस नुकसान के लिए राजपूत ने देश के मेडल को दांव पर कभी नहीं लगने दिया.

विपरीत हालातों में मारा मैदान

एशियन गेम्स 2018 में सिल्वर पर निशाना साधने से पहले वो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल को भी टारगेट कर चुके हैं. राजपूत ने कहा वह जब खेल रहे होते हैं तब अपने व्यक्तिगत संघर्ष को पूरी तरह भुला देते हैं. इसी चीज ने पिछले छह महीने में दो बड़े पदक जीतने में मदद की है. राजपूत के मुताबिक, “व्यक्तिगत समस्याएं अब भी बनी हुई हैं लेकिन मैं खुद पर ध्यान दे सकता हूं, अपना पूरा ध्यान निशानेबाजी पर लगा सकता हूं. मैं पहले ऐसा नहीं कर पा रहा था लेकिन अब निशानेबाजी करते समय मैं खुद को तमाम चीजों से अलग कर लेता हूं. मेरा मानना है कि अगर आप सच्चे हैं तो आप आगे बढ़ते रहेंगे.”

नौ-सेना में काम करते थे राजपूत

संजीव राजपूत पूर्व नौ सेनाकर्मी रह चुके हैं. बेरोजगारी के इस आलम में अभी उनकी आय का स्त्रोत बस नौसेना से मिलने वाला पेंशन भत्ता ही है, जो कि परिवार का खर्च उठाने के लिए काफी नहीं है. बता दें कि 19 साल नौसेना में सेवा देने के बाद राजपूत भारतीय खेल प्राधिकरण में सहायक कोच के पद पर काम कर रहे थे. लेकिन, बलात्कार के आरोप के बाद पिछले साल उन्हें नौकरी से हटा दिया गया.

मेडल ने जगाई नौकरी की आस

हालांकि, एशियन गेम्स में सिल्वर पर निशाना लगाने के बाद राजपूत की नौकरी की आस फिर से जगी है. उन्हें उम्मीद है कि शायद इस मेडल के जीतने के बाद उन्हें उनकी नौकरी फिर से मिल जाए या कोई और नौकरी का ऑफर हो.