झारखंड की पैदल चाल महिला एथलीट गीता कुमारी ने राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में कुल 8 स्वर्ण पदक जीते हैं. उन्होंने कोलकाता में आयोजित प्रतियोगिताओं में एक रजत पदक और एक कांस्य पदक जीता था. आर्थिक तंगी के कारण गीता इन दिनों रामगढ़ जिले की गलियों में सब्जी बेचने का काम कर रही हैं.Also Read - Jharkhand News: नाराज भीड़ ने वन अधिकारी समझ चार पुलिसवालों की पिटाई की, तीन हिरासत में

सीएम हेमंंत सोरेन ने की हस्तक्षेप  Also Read - न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत के मामले में CBI को नहीं मिला कोई नया 'सबूत', झारखंड हाईकोर्ट नाखुश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हस्तक्षेप के बाद हालांकि गीता को रामगढ़ जिला प्रशासन से 50,000 रुपये और एथलेटिक्स करियर को आगे बढ़ाने के लिए 3,000 रुपये का मासिक वजीफा पाने में मदद मिली. Also Read - Namaz Room issue: बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज को लेकर झारखंड विधानसभा में हंगामा

सोरेन को ट्विटर के जरिए जानकारी मिली कि गीता वित्तीय समस्याओं के कारण सड़क किनारे सब्जी बेचने को मजबूर है. मुख्यमंत्री ने रामगढ़ के उपायुक्त को कुमारी की आर्थिक रूप से सहायता करने का निर्देश दिया ताकि वह अपने एथलेटिक्स करियर को आगे बढ़ा सके.

गीता को दिया गया 50 हजार का चेक 

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि रामगढ़ के उपायुक्त (डीसी) संदीप सिंह ने सोमवार को गीता को 50,000 रुपये का चेक दिया और एथलीट को 3,000 रुपये मासिक वजीफा देने की भी घोषणा की.

खेल की दुनिया में एथलीट की सफलता की कामना करते हुए उपायुक्त ने कहा, ‘रामगढ़ में कई खिलाड़ी हैं जो देश के लिए सफलता हासिल करने में सक्षम हैं, और प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि उन्हें समर्थन मिले.’

बीए अंतिम वर्ष की छात्रा है गीता

गीता के चचेरे भाई धनंजय प्रजापति ने कहा, ‘वह सब्जी बेचने के साथ हजारीबाग जिले के आनंद कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा है. उसका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और अब प्रशासन की मदद मिलने से वह खुश है.’