सिडनी: टेस्ट सीरीज में ऐतिहासिक सफलता के बाद भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शनिवार से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के साथ वर्ल्‍ड कप की अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने की कोशिश करेगी. मैदान पर मुकाबला शुरू होने के साथ ही टीम उन गैरजरूरी विवादों से भी दूरी बनाने कर कोशिश भी करेगी, जिसके चलते टीम के दो खिलाडि़यों को दौरे के बीच में भारत लौटने को कहा गया है. टीम इंडिया की नजरें ऑस्‍ट्रेलिया में वनडे रिकॉर्ड बेहतर करने पर भी होंगी. टेस्‍ट मैचों की तरह वनडे में भी ऑस्‍ट्रेलिया का बैटिंग ऑर्डर डेविड वार्नर और स्‍टीव स्मिथ की गैरमौजूदगी से जूझ रहा है.

हार्दिक पांड्या और लोकेश राहुल की एक टीवी शो के दौरान महिलाओं के प्रति ‘अनुचित’ टिप्पणी से पैदा हुआ विवाद पिछले तीन दिनों से लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है. बीसीसीआई के सूत्रों ने बताया कि पांड्या और राहुल को कम से कम पहले वनडे मैच के लिए नहीं चुना जाएगा. प्रशासकों की समिति की सदस्य डायना इडुल्जी ने जांच लंबित रहने तक इन दोनों खिलाड़ियों को निलंबित रखने की सिफारिश की है.

इस विवाद से पहले पांड्या का अंतिम एकादश में खेलना लगभग तय माना जा रहा था लेकिन राहुल शनिवार को खेलने की दौड़ में नहीं थे. कप्तान विराट कोहली ने भी शुक्रवार को टीम के दोनों साथियों की टिप्पणी की निंदा करते हुए उनके बयानों को अनुचित बताया. राहुल की खराब फॉर्म और वनडे मैचों में रोहित शर्मा और शिखर धवन की स्थापित जोड़ी को देखते हुए इस बल्लेबाज को अंतिम एकादश में मौका मिलने की संभावना नहीं थी. बड़ा सवाल पांड्या की गैरमौजूदगी को लेकर है क्योंकि वे 10 ओवर गेंदबाजी करने के अलावा मिड्ल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने की अपनी क्षमता से टीम को बैलेंस मुहैया कराते हैं.

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पांड्या की गैरमौजूदगी का मतलब है कि भारत को अपने गेंदबाजी आक्रमण में बदलाव करना होगा. तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को पहले ही मौजूदा सीरीज और न्यूजीलैंड दौरे से आराम दिया जा चुका है. इससे टीम प्रबंधन को अपने गेंदबाजी आक्रमण के साथ प्रयोग करने का मौका मिलेगा. भुवनेश्वर कुमार का खेलना लगभग तय है और यह कोहली पर निर्भर करता है कि पांड्या की गैरमौजूदगी में वह तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरते हैं या नहीं. ऐसी स्थिति में मोहम्मद शमी और खलील अहमद को अंतिम एकादश में मौका मिल सकता है क्योंकि विश्व कप के लिए भारत इसी चौकड़ी को बरकरार रखने का प्रयास कर रहा है. एससीजी की पिच पर हल्की घास है और भारतीय टीम तीन तेज गेंदबाज और दो स्पिनर के आक्रमण के साथ उतर सकती है.

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कोहली ने कहा है कि पांड्या की गैरमौजूदगी में रविंद्र जडेजा ऑलराउंडर की भूमिका निभा सकते हैं. ऐसी स्थिति में जडेजा बायें हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव के साथ स्पिन आक्रमण का हिस्सा होंगे. जरूरत पड़ने पर केदार जाधव कामचलाऊ गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं. दोनों सलामी बल्लेबाजों के बाद कोहली तीसरे नंबर पर उतरेंगे. जाधव, महेंद्र सिंह धोनी और अंबाती रायुडू मिड्ल ऑर्डर का हिस्सा हो सकते हैं. इस सीरीज में धोनी और रायुडू की फॉर्म पर खास नजर रहेगी. धोनी 2018 में खराब फॉर्म से जूझते रहे और इस दौरान 20 वनडे मैचों में 25 की औसत से 275 रन ही बना सके. यह विकेटकीपर बल्लेबाज इस दौरान एक भी अर्धशतक नहीं जड़ पाया. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी 71.42 रहा जो 87.89 के उनके करियर स्ट्राइक रेट से काफी कम है.

भारत चौथे नंबर की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए रायुडू को आजमा रहा है और पिछले साल सितंबर में एशिया कप से उन्हें पर्याप्त मौके दे रहा है. इस दौरान रायुडू ने एशिया कप और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में 11 वनडे मैचों में एक शतक और तीन अर्धशतक की बदौलत 56 की औसत से 392 रन बनाए हैं. इस स्थान के अन्य दावेदारों की तुलना में रायुडू के प्रदर्शन में कंसिस्‍टेंसी देखने को मिली है. हालांकि, उन्होंने जिन परिस्थितियों में प्रदर्शन किया है, वे इंग्लैंड के हालात से काफी अलग हैं. रायुडू ऑस्ट्रेलिया और फिर न्यूजीलैंड दौरे पर कैसा प्रदर्शन करते हैं, इससे तय होगा कि भारत चौथे नंबर की पहेली का हल खोजने में सफल रहा है या नहीं.

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भारत को ऑस्ट्रेलिया के पिछले दौरे पर भी जनवरी 2016 में वनडे सीरीज में इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा था. तब धोनी की अगुआई में भारतीय टीम को 1-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी. रोहित और कोहली ने तब पांच मैचों की सीरीज में क्रमश: 441 और 381 रन बनाए थे जबकि धवन ने 287 रन बटोरे थे. मिड्ल ऑर्डर उपयोगी योगदान देने में नाकाम रहा था और अंतिम वनडे में मनीष पांडे के जुझारू शतक की बदौलत ही भारतीय टीम 5-0 से क्लीनस्वीप से बचने में सफल रही थी.

ऑस्ट्रेलिया में भारत का वनडे रिकॉर्ड काफी खराब है. विश्व चैंपियनशिप 1985 और सीबी सीरीज 2008 की जीत के अलावा भारत को ऑस्ट्रेलिया के के खिलाफ उसकी सरजमीं पर 48 में से 35 वनडे में हार का सामना करना पड़ा है. भारत को हालांकि डेविड वार्नर (2016 की सीरीज में तीन मैचों में 220 रन) और स्टीव स्मिथ (2016 में पांच मैचों में 315 रन) की गैरमौजूदगी का फायदा मिल सकता है जबकि मिशेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड की तेज गेंदबाजी तिकड़ी को भी इस सीरीज में आराम दिया गया है.

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ऑस्ट्रेलिया ने पहले वनडे से पूर्व अपने प्‍लेइंग इलेवन की घोषणा कर दी है जिसमें नाथन लियोन को एकमात्र स्पिनर के रूप में जगह मिली है जबकि पीटर सिडल 2010 के बाद पहली बार इस फॉर्मेट में वापसी करेंगे. विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में पहली बार पारी का आगाज करेंगे. वह कप्तान आरोन फिंच के साथ सलामी जोड़ी बनाएंगे. मिड्ल ऑर्डर में उस्मान ख्वाजा, शॉन मार्श और पीटर हैंड्सकॉम्‍ब को जगह मिली है.

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मेजबान टीम का बल्लेबाजी क्रम लंबा है. मार्कस स्टोइनिस और ग्लेन मैक्सवेल क्रमश: छठे और सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे. टीम का तेज गेंदबाजी आक्रमण हालांकि कागज पर कमजोर नजर आता है. आठ साल बाद सिडल वापसी कर रहे हैं जबकि बायें हाथ के तेज गेंदबाज जेसन बेहरेनडोर्फ को डेब्‍यू का मौका मिल रहा है.

टीमें:

भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, शिखर धवन, अंबाती रायुडू, दिनेश कार्तिक, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी, हार्दिक पंड्या, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, रविंद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, खलील अहमद, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज में से.

ऑस्ट्रेलिया (प्‍लेइंग इलेवन): आरोन फिंच (कप्तान), एलेक्स कैरी, उस्मान ख्वाजा, शान मार्श, पीटर हैंड्सकोंब, मार्कस स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल, नाथन लियोन, पीटर सिडल, झाय रिचर्डसन और जेसन बेहरेनडोर्फ.