सिडनी: ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर अपने पहले टेस्ट में प्रभावित करने वाले भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव ने कहा कि उन्हें टेस्ट गेंदबाज के रूप में सुधार करने के लिए और समय की जरूरत है. चौबीस वर्षीय बायें हाथ के कलाई स्पिनर ने तीन विकेट हासिल किए जिससे ऑस्ट्रेलियाई टीम चौथे टेस्ट के तीसरे दिन भारत के सात विकेट पर 622 रन की घोषित पहली पारी के जवाब में 236 रन पर छह विकेट गंवाकर जूझ रही थी.

लॉर्ड्स के बाद विदेशी सरजमीं पर अपना पहला टेस्ट खेल रहे कुलदीप ने कहा कि वह थोड़े नर्वस थे. उन्होंने शनिवार को कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मैंने ऑस्ट्रेलिया में गेंदबाजी करने के लिए कुछ भी बदलाव नहीं किया है. मैं इस सीरीज में अपना पहला टेस्ट खेल रहा हूं, इसलिए थोड़ा नर्वस था.’’

कुलदीप ने कहा, ‘‘मैं इतना क्रिकेट खेल चुका हूं कि मुझे ठीक-ठाक जानकारी है लेकिन टेस्ट क्रिकेट में मुझे शायद सुधार करने के लिए थोड़े और समय की जरूरत है. आप जितना अधिक लाल गेंद से खेलोगे, उतना ही ज्यादा आप सुधार कर सकते हो.’’ उन्होंने कहा कि मैच में खेलने के अनुभव का कोई दूसरा विकल्प नहीं हो सकता. इसी से एक गेंदबाज के प्रदर्शन में सुधार होता है.

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कुलदीप ने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट भी ऐसा ही है. आप जितना ज्यादा खेलोगे, उतने बेहतर ढंग से आप बल्लेबाज को पढ़ सकोगे. बल्लेबाज के लिए योजना बनाने के लिए आपके पास समय होगा और आप उतने ही ज्यादा ओवर फेंक सकोगे और क्षेत्ररक्षण को बदल सकोगे.’

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उन्होंने कहा, ‘‘सफेद गेंद के क्रिकेट की तुलना में लाल गेंद के क्रिकेट में ज्यादा दबाव होता है. लेग स्पिनर के तौर पर आपको इसके अनुरूप खुद को बदलने और चीजों को नियंत्रित करने के लिए कम से कम 10 दिन की जरूरत होती है.’’