भारत की पारी का 33वां ओवर था वो. खराब शुरुआत के बाद रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी भारतीय पारी को संभालने की कोशिश कर रहे थे. 289 रनों के लक्ष्‍य का पीछा कर रही टीम इंडिया का स्‍कोर 141 रन ही हुआ था और धोनी खुलकर खेल नहीं पा रहे थे. फिर भी, अच्‍छी बात यह थी कि धोनी जमे हुए थे और और वनडे में 14 पारियों के बाद हाफ सेंचुरी का आंकड़ा पार कर चुके थे. लेकिन इस ओवर की तीसरी गेंद पर अंपायर की एक गलती ने हाफ सेंचुरी को बड़ी पारी में तब्‍दील करने के धोनी के इरादे पर तो पानी फेरा ही, जीत की ओर बढ़ रहे टीम इंडिया के कदमों को भी रोक दिया.

जेसन बेहरनडॉर्फ की उस गेंद को धोनी ने लेग साइड पर फ्लिक करने की कोशिश की. वे चूके और गेंद उनके पैड में जा लगी. अंपायर ने अंगुली उठा दी और धोनी पवेलियन की ओर चल पड़े. यह सही है कि धोनी विकेट के सामने पकड़े गए थे, लेकिन बेहरनडॉर्फ की यह गेंद लेग स्‍टंप के बाहर पिच हुई थी. नियमों के हिसाब से उन्‍हें एलबीडब्‍ल्‍यू आउट नहीं दिया जा सकता था. अंपायर की अंगुली उठते ही धोनी पवेलियन की ओर चल पड़े क्‍योंकि भारतीय टीम के पास रिव्‍यू बचा नहीं था.

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यह दावा तो नहीं किया जा सकता कि धोनी आउट नहीं होते तो टीम इंडिया निश्चित रूप से जीत जाती, लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि ऑस्‍ट्रेलिया के लिए जीत इतनी आसान नहीं होती. धोनी जब आउट हुए तब भारत को जीत के लिए 106 गेंदों में 148 रनों की जरूरत थी. यह लक्ष्‍य आसान नहीं था, लेकिन रोहित शर्मा जिस अंदाज में बल्‍लेबाजी कर रहे थे, उसे देखकर यही लग रहा था कि दूसरे छोर पर धोनी जैसे बल्‍लेबाज खड़ा होता तो वे मैच का रुख बदल सकते थे. खुद धोनी भी उस समय तक भले तेजी से नहीं खेल पाए हों, लेकिन स्‍लॉग ओवर्स में उनकी बल्‍लेबाजी का अंदाज बिलकुल अलग होता है. टीम इंडिया में लंबे समय से वे फिनिशर की भूमिका निभा रहे हैं और आउट नहीं होने पर वे टीम को जीत के रास्‍ते पर आगे ले जा सकते थे, लेकिन अंपायर की गलती ने उन्‍हें यह मौका नहीं दिया.

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धोनी के आउट होते ही दूसरे छोर पर दिनेश कार्तिक और रविंद्र जडेजा भी ज्‍यादा देर टिक नहीं पाए. रोहित ने इसके बाद अपनी सेंचुरी पूरी की और ताबड़तोड़ चौके-छक्‍के लगाकर ऑस्‍ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा. लेकिन उनका अकेला संघर्ष 46वें ओवर में खत्‍म हो गया जब स्‍टोइनिस की गेंद पर एक और बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में वे आउट हो गए. इसके साथ ही टीम इंडिया की हार तय हो गई थी. हालांकि, मैच खत्‍म होने के बाद भी यही लगता है कि धोनी गलत तरीके से आउट नहीं हुए होते तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था.