नई दिल्‍ली: भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच मौजूदा टेस्‍ट सीरीज का चौथा मुकाबला. दांव पर सीरीज और फिर सामने आई ऑस्‍ट्रेलियाई बल्‍लेबाजों की पुरानी कमजोरी. तीसरे दिन का खेल खत्‍म होने तक ऑस्‍ट्रेलिया के छह विकेट गिर चुके थे. फॉलोऑन के खतरे से जूझ रही टीम के लिए सबसे बड़ी मुश्किल है कि बल्‍लेबाज बड़ी पारियां नहीं खेल पा रहे. चौथे टेस्‍ट मैच की पहली पारी में भी आउट होने वाले छह में से चार बल्‍लेबाज दोहरे अंक में पहुंचने के बाद आउट हुए. यानी टीम के बल्‍लेबाज पिच पर निगाहें जमने के बाद अपना विकेट गंवा रहे हैं. केवल चौथे टेस्‍ट में ही नहीं, पूरी सीरीज में ऑस्‍ट्रेलियाई टीम इसी समस्‍या से परेशान है. हालत यह है कि साल 2010 के बाद यह पहला मौका हो सकता है जब चार टेस्‍ट मैचों की सीरीज में ऑस्‍ट्रेलिया का कोई भी बल्‍लेबाज शतक नहीं लगा पाया हो. हालांकि, सिडनी टेस्‍ट की पहली पारी में अभी चार विकेट बांकी हैं और टीम को अभी दूसरी पारी में बल्‍लेबाजी करनी है.

मौजूदा सीरीज में भारतीय टीम ऑस्‍ट्रेलिया पर लगातार दबाव बनाने में कामयाब रही है तो इसका कारण दोनों टीमों की बल्‍लेबाजी है. भारतीय टीम की तरफ से सीरीज में अब तक पांच शतक लगे हैं, लेकिन ऑस्‍ट्रेलिया की झोली शतकों से खाली है. लेकिन टीम के लिए बड़ी मुश्किल यह है कि बल्‍लेबाज क्रीज पर जमने के बाद आउट हो रहे हैं. इसका पता इससे भी चलता है कि सीरीज के अब तक के मैचों में केवल एक कंगारू बल्‍लेबाज ने ही एक पारी में 200 से ज्‍यादा गेंदें खेली हैं. वहीं, टीम इंडिया के छह बल्‍लेबाज यह कारनामा कर चुके हैं. सीरीज में अब तक ऑस्‍ट्रेलिया के 36 बल्‍लेबाजों ने 30 से ज्‍यादा गेंदें खेलने के बाद अपने विकेट गंवाए हैं. ऑस्‍ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.

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ज्‍यादा चिंता इसलिए है कि शतकवीर बल्‍लेबाजों की कमी भारत के खिलाफ सीरीज में ही नजर नहीं आई है. साल 2018 के दौरान ऑस्‍ट्रेलियाई टीम की ओर से केवल चार शतक लगे. इससे पहले ऐसा 1996 में देखने को मिला था जब पूरे साल में केवल दो कंगारू बल्‍लेबाज शतक लगा पाए थे, लेकिन तब ऑस्‍ट्रेलिया ने पूरे साल में केवल पांच टेस्‍ट मैच खेले थे.

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यह समस्‍या केवल इंटरनेशनल क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है. घरेलू क्रिकेट में भी कंगारू बल्‍लेबाज लंबी पारी नहीं खेल पा रहे. यही कारण है कि घरेलू क्रिकेट में भी शतक लगाने वाले बल्‍लेबाजों की संख्‍या कम हो रही है. 2017-18 के शेफील्‍ड शील्‍ड सीजन में प्रति मैच औसतन 1.42 शतक लगे. यह अनुपात साल 1990 के बाद सबसे कम है. स्‍पष्‍ट है कि टीम इंडिया की बॉलिंग अटैक कंगारू बल्‍लेबाजों के लिए आफत बनी है तो इसके कारण कहीं न कहीं उनके घरेलू क्रिकेट में भी छिपे हैं.